Thursday, November 30, 2017

एग्जाम से पहले इन बातों का रखें ध्यान, वरना पछताना पड़ेगा


कई बार आपके मन में ऐसी बातें घूमती रहती हैं कि एग्जाम में क्या करें और कैसे रहे तैयार। हम आपको बता रहे है कि कैसे आप एग्जाम कक्ष से पहले तैयारी कर सकते हैं।
छात्र-छात्राएं एग्जाम की तैयारी के लिए कड़ी मेहनत करते हैं, एग्जाम में जाने से पूर्व छात्र-छात्राओं को कई अहम बातों का ध्‍यान रखना जरूरी होता है। इससे आप एग्जामकी तैयारी अच्‍छे से कर सकते है। परीक्षा कक्ष में जाते ही कुछ ऐसी बातें होती है।
एग्जाम की तैयारी के समय थोड़ा आराम भी जरुरी –

– एग्जाम के समय में हम रात-रात भर उठकर पढ़ाई करते हैं, पर परीक्षा के एक दिन पहले समय से सो जाएं और अपनी नींद पूरी लें।
– अगर आप समय से नहीं सोएंगे तो दूसरे दिन परीक्षा कक्ष में आपको नींद आएंगी और आप ने जितना भी याद किया होगा आप उसे कर नहीं पाएंगे।
– इसलिए इस बात का खासतौर पर ध्यान रखें कि परीक्षा के एक दिन पहले समय से सो जाए और सुबह भी समय से उठ जाएं, और अच्छे से फ्रेश होकर परीक्षा के लिए तैयार हों जाएं।

एक्सरसाइज है बहुत आवश्‍यक –
– एग्जाम की तैयारी के दौरान आपको व्यायाम करना बहुत जरुरी है, क्योंकि व्यायाम करने से आप हमेशा तंदुरुस्त रहते हैं और आपका दिमाग हमेशा फ्रेश रहेगा।
– इससे आप अपनी परीक्षाओं पर पूरा ध्यान लगा सकते हैं और अच्छी तैयारी कर सकते हैं।
– परीक्षा कक्ष में जाने से पूर्व सर्वप्रथम शारीरिक रूप से स्वस्थ रहना बहुत जरुरी है।
– अगर आप फिट रहेंगे तभी आप अपनी परीक्षा पर पूरा ध्यान लगा पाएंगे।
– अगर आप शारीरिक रूप से फिट नहीं हैं तो आप परीक्षा कक्ष में जाते ही बीमार सा महसूश करते हैं।
मानसिक रूप से स्वस्थ रहें –
– एग्जाम की तैयारी के लिए आपको स्वस्थ रहना बहुत जरुरी है, क्योंकि अगर आप स्वस्थ रहेंगे, तभी आप अपनी परीक्षा के लिए अच्छे से तैयार हों पाएंगे।
– मानसिक रूप से स्वस्थ रहने के लिए प्रतिदिन मैडिटेशन करें और अपने खान पान का भी अच्छे से ध्यान रखें।
– जब आप स्वस्थ रहेंगे तभी आप परीक्षा के लिए अच्छे से तैयार हों पाएंगे।
एग्जाम तैयारी के समय खान-पान का रखें ध्यान –

– एग्जाम की तैयारी के सयम खान पान का ध्यान रखना बहुत जरुरी है, जब भी आपको किसी भी परीक्षा के लिए जाना हो तो जिसदिन आपका एग्जाम है उससे एक दिन पहले हल्का खाना खाये।
– और बहार के खाने का सेवन बिलकुल भी न करें क्योंकि अगर आप भरी खाना खाते हैं या फिर बहार का खाना खाते हैं, तो उसके दूसरे दिन आपसे जल्दी उठा भी नहीं जाएगा।
– एग्जाम कक्ष में आपको बहुत नींद भी आने लगेगी, तो अपने खान पान का बहुत ध्यान रखें, क्योंकि आपके खान पान का आपकी परीक्षा में बहुत असर होता है।

एग्जाम में ध्यान रखने योग्य बातें –

1 – एग्जाम में जाने से पहले सभी महत्वपूर्ण चीजों को चैक कर लें जैसे –  पैन, पेंसिल, एडमिट कार्ड और पानी की बोटल आदि।
2 – एग्जाम कक्ष में 15 मिनट पहले पहुँच जाएं और वहां पर बैठकर रिलैक्स करें।
3 – कक्ष में जब आपको पेपर मिल जाएं तो उसे ध्यानपूर्वक पढ़े और इसके बाद जो प्रश्‍न आपको आते है, सिर्फ उन्हें ही हल करें और जो नहीं आते हैं, उन्हें अंत में हल करने कि कोशिश करें।
4 -एग्जाम देते समय बिलकुल भी इधर -उधर देखकर अपना समय बर्बाद न करें और अगर आपसे कोई भी बात करने कि कोशिश करें तो उससे बात न करे।
5 – एग्जामकक्ष एक बार अच्छे से पैन बॉक्स और कपड़ों की पॉकिट में देख लें कि कोई कागज तो नहीं है।
6 – परीक्षा देते समय अपनी घड़ी को बार-बार देखते रहें और इसके अनुसार अपने पेपर को हल करें, समय का पूरा ध्यान दें।
7 – हमेशा वो लाइन ही लिखे जिसका मतलब निकालता हो फालतू की लाइन लिख के अपना अमूल्य समय बर्बाद न करें|
8 – भले आप छोटा उत्तर लिखे  पर उसका मतलब सही निकलता हो वह ही काफी है।

ये हैं देश के टॉप इंजीनियरिंग कॉलेज, एडमिशन के साथ ही संवर जाता है कॅरियर


इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी  –
– भारत में अभी 28 IIT हैं। हर आईआईटी ऑटोनोमस है, लेकिन काउंसिलिंग के समय एक दुसरे से जुड़े हुए है।
– भारत में बेस्ट इंजीनियरिंग कॉलेज आईआईटी के माने जाते है। यह आईआईटी भारत के एचआरडी मंत्रालय की देखरेख में होते रहते है।
– आईआईटी में एडमिशन को आईआईटी जेईई परीक्षा होती थी, जिसे 2013 में बदलकर जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम अडवांस कर दिया है। आईआईटी में दाखिला के लिए हर साल 150,000 विद्यार्थी परीक्षा देते है।
देश में बढ़ती टेक्नोलॉजी और तकनीकि मांग के कारण, देश को ज्यादा स्पीड से ग्रोथ करनी होगी। इसलिए भारत सरकार ने फैसला लिया कि राज्य में मौजूद कुछ इंजीनियरिंग कॉलेज और यूनिवर्सिटी को IIEST के अंतर्गत कर दिया जाए। नए कॉलेज बनाने से अच्छा है कि इन कॉलेज का लेवल अच्छा किया जाए। अपग्रेड होने के बाद इन कॉलेज को ‘इंस्टिट्यूट ऑफ़ नेशनल इम्पोर्टेंस का दर्जा मिल गया है।
बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड साइंस –
बीआईटीएस एक इंडियन इंस्टिट्यूट है, जो एक बड़ी यूनिवर्सिटी है। इस यूनिवर्सिटी में 15 अकैडेमिक डिपार्टमेंट है, इसमें मुख्य रूप से अंडर ग्रेजुएट इंजीनियरिंग पर ध्यान दिया जाता है। BITS कॉलेज गोवा, पिलानी, हैदराबाद और दुबई में है।
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ़ इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी –
आईआईटी भारत में उच्च शिक्षा के लिए चार इंस्टीट्यूट का ग्रुप है, जो मुख्य रूप से इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी पर ध्यान देता है। इसे केंद्र सरकार द्वारा बनाया गया है, इसमें फण्ड भी सरकार से आता है एवं एचआरडी मंत्रालय इसकी देख रेख करती है।

– आईआईआईटी अलाहाबाद
– आईआईआईटीटीएम ग्वालियर
– आईआईआईटीडीएम जबलपुर
– आईआईआईटीडीएम कचीपुरम
नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी  –

अभी 30 NIT कॉलेज है, जिसमें से 10 NIT, 2010 में खुले है। इन कॉलेज को भी नेशनल इंस्टीट्यूट का दर्जा प्राप्त है। इन्हें शुरुआत में रिजनल इंजीनियरिंग कॉलेज के नाम से जाना जाता था। सन 2002 में एचआरडी मंत्रालय ने इन्हें अपग्रेड कर एनआईटी का दर्जा दे दिया है। एनआईटी में दाखिले के लिए AIEEE की परीक्षा हर साल सीबीएससी द्वारा आयोजित होती है। इसमें 14 लाख से भी अधिक लोग परीक्षा देते है, इसमें से 15 हजार के लगभग सीट के लिए लोग विद्यार्थी चयनित होते है –

– विस्वेसर्या टेक्नोलॉजी यूनिवर्सिटी

– यूनिवर्सिटी ऑफ़ मुंबई

– जादवपुर यूनिवर्सिटी, कोलकत्ता

– अन्ना यूनिवर्सिटी, चेन्नई

– हिंदुस्तान यूनिवर्सिटी, चेन्नई

– वेल्लोर इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी

– राजीव गाँधी इंस्टिट्यूट ऑफ़ पेट्रोलियम टेक्नोलॉजी

– निरमा यूनिवर्सिटी

सेना में ऑफिसर बनने के लिए ऐसे करें NDA की तैयारी


अगर आप सेना में नौकरी करना चाहते हैं और चाहते हैं कि कम उम्र में अफसर का रुतबा भी मिले, तो आपके लिए NDA बेहतरीन career option है। सेना में naukri करने का एक अलग ही क्रेज है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि आपको देश की सेवा करने का बेहतरीन अवसर मिलता है। अब salary भी अच्छी हो गई है। यही कारण है कि अधिकतर युवा इस नौकरी को पाने के लिए NDA प्रवेश परीक्षा की तैयारी करते हैं।

1. मानसिक मजबूती जरूरी

   अन्य परीक्षाओं में जहां मानसिक मजबूती देखी जाती है, तो वहीं इस परीक्षा में शारीरिक और मानसिक दोनों की मजबूती आवश्यक है। यही कारण है कि इस परीक्षा में उत्तीर्ण होने वाले student कम उम्र में ही सैन्य अधिकारी बन जाते हैं। अगर आपमें भी officer जैसी quality है और officer बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं, तो आपके लिए बेहतरीन अवसर है।

2. योग्यता

   NDA परीक्षा के लिए केवल वही अविवाहित पुरुष अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं, जिनका उम्र 18 से 22 बर्फ के बीच है। इसके अलावा, Air force And  navy के लिए physics and mathematics विषयों के साथ 12वीं उत्तीर्ण होना चाहिए। हालांकि army wing के लिए किसी भी stream से बारहवीं पास युवा आवेदन कर सकते हैं। जो युवा बारहवीं की परीक्षा में शामिल हो रहे हैं, वे भी इस प्रतियोगिता परीक्षा के लिए आवेदन कर सकते हैं, लेकिन उन्हें SSB Interview के समय 12वीं उत्तीर्ण करने का प्रमाण पेश करना होगा।

3. परीक्षा

   NDA Exam में दो विषयों की कुल 900 अंकों की exam होती है-पहला, mathematics और दूसरा General Ability Test. दोनों के ढ़ाई-ढ़ाई घंटे के पेपर होंगे। Mathematics का पेपर 300 और General ability का पेपर 600 अंक का होगा। सभी प्रश्न Objective Type के होंगे। इसकी तैयारी के लिए planning बनानी होगी और उसी के अनुरूप तैयारी करनी होगी।

4. कठिन exam के लिए रहें तैयार

   Written Test clear करने वाले अभ्यर्थियों को सेना के service selection board यानी SSB द्वारा interview और व्यक्तित्व परीक्षण के लिए call किया जाता है। Exam के इस चरण का मुख्य उद्देश्य अभ्यर्थी की Personality, उसकी बुद्धिमत्ता और सेना में एक officer के रूप में उसकी officer like quality (OLQ) को जांचना-परखना होता है। SSB के center देश के कई शहरों में स्थित हैं और अभ्यर्थी को उसके निकटवर्ती center पर ही बुलाया जाता है। आमतौर पर SSB Interview पांच दिनों का होता है, लेकिन इसमें पहले दिन Screening test ही होता है, जिसमें Psychological Test लिया जाता है।

    Screening test में फेल होने वाले अभ्यर्थियों को वापस भेज दिया जाता है। शेष को अगले चार दिन तक कई test देने होते हैं। इस दौरान उनका group discussion यानी GD, Psychological Test, Interview Board तथा Group task officer द्वारा अलग-अलग तरीके से आकलन किया जाता है और उनकी OLQ को जांचा-परखा जाता है।  NDA Exam के आधार पर अंतिम रूप से चुने गए अभ्यर्थियों को national Defence Academy, खडगवासला, पुणे में तीन वर्ष की training दी जाती है।

      खास बात यह है कि इस तीन वर्ष की training के दौरान वे अपनी Steam के अनुसार Graduation की पढ़ाई भी पूरी करते हैं। इसके लिए उनके पास physics, chemistry, math and computer science विषयों के साथ BSc का या politics science, Economics, History आदि विषयों के साथ Bachelor of arts यानी BA का विकल्प होता है। हालांकि training के पहले वर्ष में तीनों सेनाओं के लिए चयनित अभ्यर्थियों को एक ही कोर्स की पढ़ाई करनी होती हैं

Resume में रखेंगे इन बातों का खास ख्याल तो जल्द मिलेगी नौकरी


नौकरी की तलाश कर रहे युवाओ के लिए सबसे महत्वपूर्ण उनका रिज्यूम होता है. रिज्यूम में होने वाली छोटी छोटी गलतियों को अगर आप समझ ले तो आप नौकरी पाने के थोड़ा और करीब पहुंच सकते है.

आब्जेक्टिव का विस्तार - रिज्यूम में ज़्यादा कुछ लिखने की आवश्यकता नहीं है, एक संक्षिप्त सारांश ही काफी है.

कार्यानुभव अनुरूप न होना - रिज्यूम में सिर्फ उन्ही कार्य अनुभवों को लिखे, जो नौकरी से जुड़ी हो.

शारीरिक विशिष्टता का उल्लेख - रिज्यूम में आप अपनी हाइट के बारे जिक्र ना करे, ऐसे करने से आप हंसी के पात्र बन सकते है.

बेमतलब कि उपलब्धियां - अगर आप मैनेजर या अन्य किसी बड़े पद के लिए आवेदन करने जा रहे है, तो आप केवल उससे जुड़ी उपलब्धियों के बारे में ही लिखे अन्यथा बेमतलब उपलब्धि न लिखे.

हरेक शौक का उल्लेख - अगर आपको ऐसा लगता है कि शौक के बारे में बताने से एक अलग प्रभाव पड़ता है तो वह उस रिज्यूम में अवश्य लिखे.

जटिल शब्दों का प्रयोग करना - इस बात का खास तौर पर ध्यान रखे, क्योकि गलत या बनावटी भाषा का नियोक्ता पर बहुत ख़राब प्रभाव पड़ता है.

अतिरिक्त जानकारी - अपने बारे में सामान्य जानकारी दे. धर्म या कोई अन्य निजी जानकारी साँझा करने की कोई जरूरत नहीं है.

इन तरीकों से करें UPSC की तैयारी, बढ़ जाएगें आपके सफल होने के चांस


देश भर में हर साल ना जाने कितने स्टूडेंट्स सिविल सेवा परीक्षा यानि यूपीएससी की तैयारी करते है। इस परीक्षा के लिए ना जाने कितने साल मेहनत करते है, लेकिन फिर भी बहुत कम लोग इस परीक्षा में सफल हो पाते है। Union Public Service Commision को हमारे देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवाओ में शुमार किया जाता हैं। इस परीक्षा में सफल होने के बाद लोग किसी जिले के मजिस्ट्रेट, पुलिस महकमे में आला अफसर और किसी मंत्रालय में अधिकारी के तौर पर जिम्मेदारी संभालते हैं। इसलिए अगर आप भी इस परीक्षा की तैयारी करना चाहते हैं तो हम आपको बता रहे हैं UPSC की तैयारी के लिए कुछ बेहद जरूरी सुझाव

सिलेबस की पूरी समझ बना लें-
UPSC के परीक्षा स्ट्रक्चर को समझना बहुत जरूरी है। ऐसा न हो कि आपकी मेहनत बिना किसी वजह के हो। UPSC के सिलेबस को न सिर्फ देखना बल्कि उसे अच्छे से समझ लेना चाहिए। पिछले साल के क्वेश्चन पेपर्स का अभ्यास करना और उनके हिसाब से अपनी आगे की तैयारी करना भी जरूरी है।

न्यूजपेपर पढ़ने की आदत डालना
अब इस बात से तो लगभग सभी वाकिफ होंगे कि न्यूजपेपर को लगातार पढ़ना कितना फायदेमंद हो सकता है। इस मामले में यदि आप किसी भी सफल UPSC कैंडिडेट से बात करेंगे तो वह अखबार पढ़ने को सबसे ऊपर रखेगा।

NCERT की किताबें पढ़ें-
UPSC की परीक्षाएं छोटे-मोटे बदलावों को छोड़ कर ज्यादातर एक ही ढर्रे पर चलती हैं।इन परीक्षाओं में सफल होने के लिए NCERT की किताबें खास तौर पर सोशल साइंस की किताबें जरूर पढ़ी जानी चाहिए। वैसे तो इन सारी किताबों को हम-आप अपने स्कूली दिनों में पढ़ ही चुके होंगे लेकिन इन किताबों को फिर से पढ़े जाने की जरूरत होगी।इन सारी किताबों को पढ़ कर आप अपना बेस तैयार करेंगे।

ऑप्शनल सब्जेक्ट समझदारी से चुनें-
कॉलेज जाने वाले और UPSC की तैयारी करने वाले तमाम स्टूडेंट्स को पिछले साल के सवालों और UPSC के सिलेबस के हिसाब से ऑप्शनल सब्जेक्ट की भी तैयारी शुरू कर देनी चाहिए। ताकि अभ्यर्थी ऑप्शनल सब्जेक्ट की पहले ही तैयारी कर लें। ऐसा करना उन्हें दूसरों से आगे कर देता है।
मशहूर लेखकों की किताबें पढ़ें
अब ऐसा तो हो नहीं सकता कि आप दिन भर सिलेबस और परीक्षा की ही तैयारी में लगे रहें। सिलेबस की चीजों के अलावा भारत के इतिहास और राजनीति पर लिखने वाले जाने-माने लेखकों की किताबें जरूर पढ़ें। उन्हें पढ़ने से एक तो आपका मन भी लगा रहता है और दूजा आप महत्वपूर्ण जानकारियां भी इकट्ठी करते हैं।

Friday, November 10, 2017

किसी भी जॉब को पाने के लिए जरुरी है कुछ क्वाँलिटी

कई बार एेसा होता है कि हम किसी जॉब के लिए पूरी तरह एलिजिबल होते है लेकिन फिर भी हमें जॉब नहीं मिलती और जॉब ना मिलने का कारण भी नहीं पता होता दरअसल एचआर मैनेजर किसी कैंडिडेट की हायरिंग कुछ क्वॉलिटी की बुनियाद पर करते हैं। अगर आप में वे क्वॉलिटी पाई जाती हैं तो आपके चयन की पूरी उम्मीद होती है। इसलिए हम आज आपको बता रहे एेसी ही 6 क्वॉलिटी के बारे में बताने जा रहे हैं जो किसी जॉब के लिए जरुरी होती है ।

धैर्य/संयम
सबसे पहली क्वॉलिटी जो एचआर मैनेजर आपके अंदर देखना चाहते हैं, वह अप्रसन्न स्थिति में धैर्य या संयम की आपकी क्षमता है। किसी कैंडिडेट की हायरिंग पर कंपनी का काफी खर्च होता है। कंपनी ऐसे व्यक्ति को तरजीह देती है जो नाखुशगवार स्थिति में भी डटा रहे और संयम से अपना काम करता रहे।

पॉजिटिव ऐटिट्यूड
पॉजिटिव व्यवहार इंसान को जीत के करीब ले जाता है। ऐसा व्यक्ति असफल होने और प्रतियोगिता की स्थिति में भी हार नहीं मानता है। उसके पॉजिटिव व्यवहार से उसका कॉन्फिडेंस मजबूत होता है, जिससे वह किसी तरह की भी स्थिति पर काबू कर लेता है।

टीम प्लेयर
कंपनी में अलग-अलग तरह के एंप्लॉयी होते हैं। कुछ प्रतियोगिता से घबराते हैं तो कुछ अति उत्साही होते हैं। ऐसे में कंपनी को ऐसे टीम प्लेयर को जरूरत होती है जो सबके बीच सही संतुलन बना सके।

महत्वाकांक्षी
कोई कंपनी ऐसे एंप्लॉयी को नहीं चाहती है कि जो उस पर बोझ बन जाए। इसलिए महत्वाकांक्षी व्यक्ति जो कुछ करने का जज्बा रखता है, वह कंपनी के लिए बेस्ट साबित होता है।

मल्टी टास्किंग
सभी सेक्टर्स में प्रतियोगिता के बढ़ते माहौल में कंपनी ऐसे एंप्लॉयीज को तरजीह देती हैं जो मल्टि टास्किंग हों। यह न सिर्फ कंपनी के लिए प्लस पॉइंट है बल्कि इससे आपकी जॉब प्रोफाइल भी मजबूत होती है। कई बार कंपनी को कॉस्ट कटिंग करने की जरूरत पड़ती है, उस समय मल्टि टास्किंग एंप्लॉयी की अहमियत बढ़ जाती है।

भरोसेमंद
एक भरोसेमंद एंप्लॉयी से कंपनी को लॉन्ग टर्म फायदे होते हैं और वह लम्बे समय तक कंपनी से जुड़ा रहता है।

क्या आप 12वीं पास करके भी बैरोजगार है, तो निराशा छोड़िए क्योंकि आप भी पास सकते है नौकरी


भारत एक समाज प्रधान देश है, जिसमें लोग एक दूसरे को देखकर अपने भविष्य और रहने के तौर तरीको पर ध्यान देते है। आज भारत में लगभग 60% आबादी युवाओं की ही जिसमें लगभग 40% युवा बैरोजगारी से परेशान है। इस लाइन में 10वीं और 12वीं पास सबसे ज्यादा युवा पाए जाते है। जिनको पता नहीं होता है कि वह 12वीं बाद किन पदों के लए आवेदन कर सकते है और पा सकते है नौकरी।

भारत में अधिकांश युवा केवल सरकारी नौकरी पाने के लिए ही तैयारी करते है क्योंकि उनको लगता है कि अगर उनको सरकारी नौकरी मिल जाएगी तो उनका समाज में एक अलग रूतबा होगा। लेकिन ऐसा नहीं है आप 12वीं पास करें बाद प्राइवेट नौकरी भी पा सकते है जो आपको एक अच्छा वेतन देगी और समाज में इज्जत देगी।

12वी पास के लिए कई प्रकार की नौकरियां होती है जिनमें से वह अपने मन पंसद की नौकरी चुनकर अपने जीवन को सही बना सकते है। इनमे से कुछ नौकरियों के उधारण है।

ऑपरेटर

12वीं बाद आप इस पद के लिए आवेदन कर सकते है अगर आपके पास उस विषय में अनुभव हो। क्योंकि एक ऑपरेटर के निचे लगभग 10-15 लोग काम करते है। उसके पास उन सबकी जिम्मेदारी होती है कि जो उन्होने काम किया है और कर रहें है। वह सही तरीके से हो और वक्त पर हो।

ऑफिस सहायक

सरकारी और प्राइवेट ऑफिस में अधकारियों के पास बहुत सरे काम होते है जिनको पूरा करने के लिए उनको एक सहायक की जरूरत होती है। जो उस काम को पूरा करने में उनकी मदद करें। ऑफिस सहायक का काम बहुत ही जिम्मेदारी वाला होता है। उसके ऑफिस में होने वाल सारे कार्यों के बारें में जानकारी होनी चाहिए और तेज होना होता है।

कम्प्यूटर ऑपरेटर

आप 12वीं पास करें बाद कम्प्यूटर का किसी भी प्रकार का डिप्लोमा प्राप्त कर अपने लिए एक अच्छी नौकरी प्राप्त कर सकते है। इसके लिए आपको कम्प्यूटर ज्ञान होना चाहिए और एक स्मार्ट होना पड़ता है। आज हर विभाग में कम्प्यूटर के बिना कोई काम नहीं होता है। तो अगर आप एक अच्छी नौकरी प्राप्त करना चाहते है तो आप इस पद को भी चुन सकते है।

अधीक्षक

यदि किसी भी सरकारी और प्राइवेट विभाग में विभिन्न प्रकार के काम होते है और वहां एक ही मालिक होत है। तो उसको हर विभाग के लिए लिए एक अधीक्षक कि आवश्यकता होती है और जिसकी देख रेख में वह पूरा विभाग काम करता है। उस विभाग की पूरी जिम्मेदारी उसी की होती है।

सब इंस्पेक्टर

यह पुलिस विभाग की बहुत ही अच्छी पोस्ट होती है, इंस्पेक्टर के बाद पुलिश स्टेशन में सब इंस्पेक्टर की ही पोस्ट होती है। आप इस पद के लिए आवेदन कर देश की सेवा कर सकते है। इस पद से आपकी समाज में एक अलग ही पहचान होगी।

इन सारे पदो पर आप 12वीं पास करें बाद आवेदन कर सकते है। यह सारे पद ग्रुप बी और सी में आते है। इन पदों के लिए आपकी आयु सीमा 35 ही होनी चाहिए।

इन पदो पर आप ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन कर सकते है। कई बार विभाग भर्ती के लिए विभाग में साक्षात्कार का भी आयोजन कर देते है।

जिन उम्मीदवारों का चयन इन पदों के लिए हो जाए उनको विभाग द्वारा अच्छा वेतन दिया जाता है। जिससे वह अपना और अपने घरवालो का पालन-पोषण कर सकता है। यह सारे पद ना केवल सरकारी विभाग में होते बल्कि यह सारे पद प्राइवेट भी होते है। जहॉ आपको अच्छे वेतन के साथ अन्य सुविधाए भी मिलती है।

रेलवे में नौकरी में कौन-कौन से होते हैं पद और कैसे होता है सेलेक्शन

सरकारी नौकरी की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों के लिए रेलवे हमेशा से सॉफ्ट टारगेट रहा है. अच्छी सैलरी, सेंट्रल जॉब को मिलने वाली सुविधाएं और अन्य कई भत्तें खास आकर्षण हैं जो युवाओं को रेलवे में नौकरी के लिए प्रेरित करते हैं. कहने की जरुरत नहीं कि भारतीय रेलवे दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक है जो भारी पैमाने पर युवाओं को रोजगार मुहैया कराती है.
प्रमुख पद और शैक्षिक योग्यता: आज भी इंडियन रेलवे को भारत में रोजगार प्रदान करने वाले संगठनों में सर्वोच्च माना जाता है जिसमे अलग-अलग कैटेगरी के जॉब्स उपलब्ध है. इन जॉब्स में 10 वीं पास से लेकर इंजीनियरिंग-मेडिकल डिग्रीधारकों तक के लिए विभिन्न प्रकार जॉब के अवसर उपलब्ध हैं. यदि आप स्नातक पास हैं तो आप सहायक स्टेशन मास्टर, गार्ड्स क्लर्क,  जैसे पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं वही यदि आप 10+2 या 10 वीं पास हैं तो आप टिकट कलेक्टर, ट्रैफिक अप्रेंटिस, स्टेनोग्राफर जैसे पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं. इसके अतिरिक्त हेल्पर, खलासी, ट्रॉलीमैन, ट्रैकमैन आदि पद भी हैं जिसके लिए कम शिक्षा प्राप्त उम्मीदवार भी आवेदन कर सकते हैं. अगर आप रेलवे में जॉब के लिए तैयारी कर रहे हैं तो आपको यह जानकारी होनी चाहिए कि रेलवे में अलग-अलग जॉब्स के लिए कौन-कौन से केटेगरी होती है और उनके लिए शैक्षिक योग्यता और पात्रता मानदंड क्या निर्धारित किये गए है.
जैसे कि आप जानते हैं कि रेलवे में उपलब्ध सभी पद अलग-अलग केटेगरी जैसे A, B , C, D में बंटे हुए होते है. रेलवे के अंतर्गत आने वाले सभी पदों को इन केटेगरी में बांटी गई है और इनके लिए अलग-अलग पात्रता मानदंड निर्धारित की गई है.

क्या होता है ग्रुप ए: रेलवे के अंतर्गत केटेगरी-ए के पदों को ऑफिसर श्रेणी में गिना जाता है. इस केटेगरी के लिए अधिकांश भर्तियाँ सिविल सर्विस के माध्यम से होती है. इसके अतिरिक्त इस केटेगरी में अन्य पद  भी होते है जो इंजीनियरिंग सर्विस एग्‍जाम/कंबाइंड मेडिकल एग्‍जाम के माध्यम से की जाती है. जहाँ तक पात्रता मानदंड का सवाल है, ग्रुप ए के पदों के लिए अभ्यर्थी को मान्‍यता प्राप्‍त संस्‍थान से इंजीनियरिंग, एमएससी डिग्री या एमबीबीएस होना आवश्यक है.

क्या होता है ग्रुप बी: रेलवे के अंतर्गत ग्रुप-बी के पद भी ऑफिसर केटेगरी के होते है. रेलवे में ग्रुप ए और बी के पदों के लिए जो को ऑफिसर ग्रेड का होता है, कुछ के लिए तो संघ लोक सेवा आयोग के माध्यम से अलाइड से परीक्षा ली जाती है वही ग्रुप भी के लिए अधिकांश  भर्तियाँ प्रमोशन के माध्यम से पूरा किया जाता है. हालाँकि इसके लिए भी शैक्षिक योग्यता और पात्रता मानदंड वही होता है भले ही इसे प्रमोशन के माध्यम से क्यों नहीं भरा जाए.

क्या होता है ग्रुप सी: रेलवे में ग्रुप सी के अंतर्गत नॉन-गैजेटेड पदों पर भर्ती की जाती है जैसे हायक स्टेशन मास्टर, गार्ड्स, क्लर्क, टिकट कलेक्टर, ट्रैफिक अप्रेंटिस, स्टेनोग्राफर आदि. इन पदों को सबऑर्डिनेट पोस्ट भी कहा जा सकता है जो ऑफिसर के ग्रेड के नीचे लेकिन ग्रेड-डी से ऊपर आता है.

कैसे होता है चयन: इन पदों के लिए भर्ती का आधार लिखित परीक्षा और इंटरव्यू है. इसके साथ ही कुछ पदों पर स्किल टेस्ट और मनोवैज्ञानिक परीक्षा भी ली जाती है. जैसे सहायक स्टेशन मास्टर पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा के साथ ही मनोवैज्ञानिक परीक्षा से भी गुजरना होता है. वही अगर आपने टाइपिंग और स्टेनो पदों के लिए आवेदन किया है तो आपको टाइपिंग टेस्ट के लिए स्किल टेस्ट देनी होगी. इसके लिए आवश्यक है कि आप पहले से ही टाइपिंग टेस्ट पर फोकस रखे और अपने स्पीड को बनाए रखें.

क्या होता है ग्रुप डी: इस केटेगरी के अंतर्गत सामान्यत: गैंगमेन, हेल्पर, खलासी, ट्रॉलीमैन, ट्रैकमैन जैसे पद होते हैं. कैसे होता है चयन: इनके लिए भर्ती भी लिखित परीक्षा के माध्यम से की जाती है और इस परीक्षा में हाई स्कूल स्तर तक के सवाल जोकि गणित, तर्कशक्ति, सामान्य ज्ञान एवं सामान्य सचेतता पर आधारित होते हैं, पूछे जाते हैं. ग्रुप सी और ग्रुप डी के लिए होने वाले परीक्षा में सामान्यत: ऑबजेक्टिव टाइप प्रश्न पूछे जाते हैं और इसके लिए आप अंग्रेजी, हिंदी, जनरल नॉलेज, मैथ, रीजनिंग जैसे विषय पर फोकस कर सकते है. कल्चरल कोटा: इन ग्रुप के अतिरिक्त रेलवे अन्य श्रेणियों में भी भर्ती करती है जोकि सांस्कृतिक कोटा के साथ स्पोर्ट्स और अन्य विधाओं से भी होती है. इसके पीछे रेलवे का मुख्य उद्देश्य हैकि इन विधाओं में पारंगत युवाओं को नौकरी देना ताकि वे नौकरी के साथ-साथ स्पोर्ट्स या कला के अपने विधा में भी अपना नाम रोशन कर सकें. हालाँकि इस कोटा के अंतर्गत आवेदन के लिए आपको किसी संगीत, नृत्य, नाटक या स्पोर्ट्स के क्षेत्र में उचित प्रमाणपत्र होना चाहिए.

10 वी के बाद कौन-सा कोर्स करे, कौन-सा सब्जेक्ट ले, क्या करे ?

हमारे देश में दसवी क्लास तक सभी स्टूडेंट्स को एक जैसा सब्जेक्ट पढाया जाता है लेकिन इसके बाद विद्यार्थी को अपने इंटरेस्ट के हिसाब से या फिर आ...