Saturday, May 13, 2017

JIPMER:बीएससी में चमकाएं अपना कॅरियर


संस्थान की ओर से बीएससी नर्सिंग, बीएएसएलपी (बैचलर ऑफ ऑडियोलॉजी एंड स्पीच-लैंग्वेज पेथोलॉजी) और बीएससी एलीड मेडिकल साइंसेज कोर्सेज करवाए जाते हैं

जवाहरलाल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, पुडुचेरी ने अपने बीएससी कोर्सेज के लिए इच्छुक आवेदकों से आवेदन मंगवाए हैं। संस्थान ने यह आवेदन शैक्षणिक सत्र 2017-18 के लिए आमंत्रित किए हैं। संस्थान की ओर से बीएससी नर्सिंग, बीएएसएलपी (बैचलर ऑफ ऑडियोलॉजी एंड स्पीच-लैंग्वेज पेथोलॉजी) और बीएससी एलीड मेडिकल साइंसेज कोर्सेज करवाए जाते हैं। बीएससी नर्सिंग और बीएएसएलपी कोर्सेज, 4-4 साल की अवधि के हैं। वहीं, बीएससी एलीड मेडिकल साइंसेज कोर्स 3 वर्ष का है। इन सभी कोर्सेज में एडमिशन पाने के लिए आवेदकों को कंप्यूटर बेस्ड एंट्रेंस एग्जाम पास करना होगा। यह एग्जाम देश के 7 शहरों में आयोजित करवाया जाएगा। इस टेस्ट में पास होने वाले आवेदकों को काउंसलिंग के बाद एडमिशन दिए जाएंगे। बता दें कि यह संस्थान भारतीय सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत आता है।

कैसे होगा चयन
जेआईपीएमईआर के बीएससी कोर्सेज में प्रवेश के लिए आवेदकों को भारतीय नागरिक होना चाहिए। इसके साथ ही जरूरी है कि आवेदक 31 दिसंबर 2017 को या उससे पहले 17 साल के हो चुके हों। संस्थान की ओर से अपर आयु सीमा तय नहीं की गई है। शैक्षणिक योग्यता के हिसाब से एडमिशन के लिए आवेदकों का फिजिक्स, केमिस्ट्री, बायोलॉजी एवं इंग्लिश विषयों के साथ 12वीं पास होना जरूरी है। आवेदकों के 12वीं में न्यूनतम 50 प्रतिशत माक्र्स होने अनिवार्य हैं। वहीं, जनरल कैटेगिरी में ओपीएच आवेदकों के लिए न्यूनतम 45 प्रतिशत माक्र्स होने जरूरी हैं। जिन आवेदकों ने मार्च या अप्रैल 2017 में 12वीं कक्षा की परीक्षाएं दी हैं और जिनका रिजल्ट नहीं आया है, वह भी संस्थान के बीएससी कोर्सेज के लिए अप्लाई कर सकते हैं। उन्हें एडमिशन के समय जरूरी सर्टिफिकेट्स जमा कराने होंगे।

25.05.2017
तक संस्थान के बीएससी कोर्सेज के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
14.06.2017
को सुबह 10 बजे और 25 जून 2017 को सुबह 8 बजे से संस्थान की वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं हॉल टिकट।
25.06.2017
को एंट्रेंस एग्जाम का आयोजन किया जाएगा।
03.07.2017
को मेरिट लिस्ट प्रकाशित होने की संभावना है।
13-14-15
जुलाई 2017 को पहली काउंसलिंग, 8 अगस्त को दूसरी और 28 अगस्त 2017 को तीसरी काउंसलिंग आयोजित होने की संभावना।
31.07.2017
को एडमिशन की औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी।
01:30 घंटे का होगा एडमिशन पाने के लिए कंप्यूटर बेस्ड ऑनलाइन टेस्ट। यह टेस्ट और सुबह 10 बजे से 11:30 बजे तक होगा।
100 सवाल होंगे। इनमें फिजिक्स के 20, केमिस्ट्री के 20, बायोलॉजी के 40, इंग्लिश और कॉम्प्रिहेंशन के 10, लॉजिकल एंड क्वांटिटेटिव रीजनिंग के 10 सवाल होंगे।
02 अगस्त 2017 को सुबह 9 बजे से होगी संस्थान में कोर्स की शुरुआत

चयन प्रक्रिया एवं सेंटर्स
आवेदकों को संस्थान के बीएससी कोर्सेज में एडमिशन पाने के लिए कंप्यूटर बेस्ड ऑनलाइन टेस्ट देना होगा। यह टेस्ट 1 घंटे 30 मिनट का होगा और सुबह 10 बजे से 11:30 बजे तक आयोजित करवाया जाएगा। यह एंट्रेंस परीक्षा सिर्फ अंग्रेजी माध्यम में होगी। इसमें कुल 100 मल्टीपल च्वॉइस सवाल पूछे जाएंगे। इन सवालों में से फिजिक्स के 20 सवाल, केमिस्ट्री के 20 सवाल, बायोलॉजी के 40 सवाल, इंग्लिश लैंग्वेज और कॉम्प्रिहेंशन के 10 सवाल और लॉजिकल एंड क्वांटिटेटिव रीजनिंग के 10 सवाल पूछे जाएंगे। एग्जाम पूरी तरह से स्टेट बोर्ड हायर सेकेंडरी और सीबीएससी के कक्षा 11वीं और 12वीं के पाठ्यक्रम पर आधारित होगा। प्रवेश के लिए जरूरी लिखित परीक्षा के लिए देशभर के 7 शहरों में एग्जाम सेंटर्स बनाए जाएंगे। इनमें चेन्नई, कोलकाता, मुंबई, नई दिल्ली, पुडुचेरी, त्रिवेंद्रम और विजयवाड़ा शामिल हैं।

कितनी हैं सीटें
बीएससी कोर्सेज में कुल मिलाकर 153 सीटें हैं। बीएससी नर्सिंग में 75 सीटें हैं जिनमें से 67 सीटें महिलाओं के लिए और 8 सीटें पुरुषों के लिए हैं। बीएएसएलपी में 4 सीटें और बीएससी एलीड मेडिकल साइंसेज में 74 सीटें हैं। कुल 153 सीटों में से जनरल (यूआर) के लिए 64 सीटें, ओबीसी के लिए 35 सीटें, एससी के लिए 19 सीटें, एसटी के लिए 10 सीटें, पी-यूआर के लिए 15 सीटें, पी-ओबीसी के लिए 6 सीटें और पी-एससी के लिए 4 सीटें आरक्षित हैं। हॉरिजोंटल रिजर्वेशन के तहत ओपीएच कैटेगिरी के लिए बीएससी नर्सिंग की 2 सीटें और बीएससी एलीड मेडिकल साइंसेज की भी 2 सीटें आरक्षित हैं।

कैसे कर सकते हैं आवेदन
जेआईपीएमईआर के बीएससी कोर्सेज में दाखिले के लिए आवेदक संस्थान की वेबसाइट http://jipmer.edu.in पर जा सकते हैं। यहां वह एंट्रेंस एग्जाम के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। आवेदन फॉर्म भरने के साथ ही जनरल (यूआर), पी-यूआर, ओबीसी और पी-ओबीसी आवेदकों को 1200 रुपए की एप्लीकेशन फीस भी जमा करानी होगी। वहीं, एससी, एसटी और पी-एससी कैटेगिरी के आवेदकों को बतौर एप्लीकेशन फीस 1000 रुपए जमा कराने होंगे। सभी आवेदक यह आवेदन फीस नेट बैंकिंग, क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड के जरिए ऑनलाइन जमा करवा सकते हैं। इसके अलावा इच्छुक एवं योग्य आवेदकों को आवेदन फॉर्म के साथ अपनी लेटेस्ट फोटोग्राफ और सिग्नेचर भी अपलोड करने होंगे।

मास्टर ऑफ मीडिया मैनेजमेंट में आप भी अपना करियर बनाऐ


मास्टर ऑफ मीडिया मैनेजमेंट में करियर बनाना चाहते है तो आइए अब हम आपको एक ऐसे संस्थान से अवगत कराते है जिसकी मदद से आप इस क्षेत्र में बेहतर करियर बनाकर एक अच्छी जॉब प्राप्त कर सकते है.

कॉलेज का नाम- एमिटी स्कूल ऑफ कम्यूनिकेशन
कॉलेज का विवरण-एमिटी स्कूल ऑफ कम्यूनिकेशन की स्थापना 1999 में हुई थी.
प्लेसमेंट-यहां स्टूडेंट्स के लिए प्लेसमेंट सेल मौजूद है.
संपर्क-201303 एमिटी कैम्पस, सेक्टर 44, नोएडा, उत्तर प्रदेश, पिन-201303
फोन नं-0120 - 4392306
वेबसाइट-www.amity.edu/asco/
ईमेल-pchandola'amity.edu
एमिटीयूनिवर्सिटीमेंजर्नलिज्मकेनिम्नलिखितकोर्सचलाएजारहेहैं:
कोर्सकानाम-मास्टर ऑफ मीडिया मैनेजमेंट
कोर्सकाविवरण-यह एक फुल टाइम कोर्स है.
प्रवेशप्रक्रिया-एडमिशन के लिए लिखित परीक्षा देनी होगी. एडमिशन के लिए CAT/MAT क्वालिफाई करना जरूरी है.
डिग्री-एमबीए
अवधि-2 साल
योग्यता-50 फीसदी अंकों के साथ ग्रेजुएशन की डिग्री जरूरी है.
टीप: यह केवल प्रारम्भिक जानकारी है.अधिकृत जानकारी संबंधित कंपनी या उनके प्रतिनिधि से ही प्राप्त करें.

जेईई एडवांस परीक्षा देने वाले छात्र प्रश्नो व पैटर्न पर दे विशेष ध्यान

जेईई एडवांस परीक्षा में अब कुछ ही वक्त बचा है। ऐसे में यह समय कुछ नया करने को नहीं है। बस कुछ बातों का ध्यान रखकर सधे तरीके से सफलता की ओर कदम बढ़ाए जा सकते हैं। 
परीक्षा विशेषज्ञों के अनुसार जेईई एडवांस का पैटर्न जेईई मेंस से काफी भिन्न है। उदाहरण के तौर पर जेईई मेंस में जो प्रश्न आते हैं उसमें सिर्फ एक ही उत्तर सही होता है। वहीं, जेईई एडवांस में एक ही प्रश्न के कई उत्तर भी सही हो सकते हैं। ऐसे में अभ्यर्थी को सभी विकल्प चेक करने होंगे। 
इस परीक्षा में पैराग्राफ पर आधारित प्रश्न भी आते हैं। जो कि सामान्य तौर पर आसान होते हैं। पूरा पैराग्राफ पढ़ने के बाद ही उत्तर देना चाहिए। इसके अलावा इंटीजर बेस्ड प्रश्न आते हैं। यानी इन प्रश्न में उत्तर 1,2,3,4,5 इस तरह से ही होंगे। 
जेईई मेंस में एक ही पेपर होता है। वहीं, जेईई एडवांस में दो पेपर होंगे और दोनों में ही भौतिकी, रसायन विज्ञान व गणित के प्रश्न होंगे। 

लगाएं सही अनुमान 
गत वर्ष भी प्रश्नों के गलत उत्तरों के लिए नकारात्मक अंक नहीं थे। इसका अर्थ यह है कि आप यहां कुछ स्वतंत्रता ले सकते हैं और अपने उत्तरों का अनुमान लगा सकते हैं। 

बनाएं ठोस रणनीति 
जेईई एडवांस परीक्षा में पूछे जाने वाले 40 प्रतिशत प्रश्न आसान, 30 प्रतिशत सामान्य रूप से कठिन और 30 प्रतिशत कठिन होते हैं। अधिक अंक प्राप्त करने के लिए इस मुताबिक ठोस रणनीति बनाएं। 

इस पर दें ध्यान 
-जेईई एडवांस में हमेशा कुछ न कुछ सरप्राइज फेक्टर होता है, इसलिए निर्देश ध्यान से पढ़ें। 
-यहां पर हरेक सवाल पर निगेटिव मार्किंग अलग-अलग हो सकती है। जिन सवालों में निगेटिव मार्किंग नहीं है, उनमें तुक्का भी मारा जा सकता है। 
-एक सवाल में कई कॉन्सेप्ट मिले हो सकते हैं। अगर आप उन कॉन्सेप्ट को अलग-अलग कर लें तो सवाल आसानी से हल होगा। 
-हरेक विषय की कट ऑफ निश्चित है। ऐसा अक्सर देखने में आया है कि छात्र दो विषयों में बहुत अच्छे अंक ले आते हैं, पर तीसरे में कट ऑफ क्लियर नहीं कर पाते और उनका चयन नहीं होता। 
-याद रहे कि आपकी मेरिट दोनों पेपर के कुल प्राप्तांक से बननी है। पहला पेपर अच्छा न भी हो तो भी घबराएं नहीं और दूसरे पेपर में पहले पेपर की कामियां दूर करें। 
-किसी भी प्रश्न पर ज्यादा वक्त बर्बाद न करें। यदि किसी प्रश्न में फंस रहे हैं तो उसे छोड़ आगे बढ़ें। 
-परीक्षा में समय का खास ख्याल रखें और तीनों विषयों में कट ऑफ का ख्याल रखते हुए आगे बढ़ें। 
-प्रश्न पत्र की शुरुआत उस विषय से करें जिसमें सबसे अधिक विश्वास है। इससे समय प्रबंधन कर पाएंगे। 
-ओएमआर शीट भरते समय खास ख्याल रखें और सावधानी बरतें। जैसे ही प्रश्न हल करें, तुरंत जवाब ओएमआर शीट पर अंकित करें। ऐसे में गलतियों से बच जाएंगे। 

21 मई को होने वाले जेईई एडवांस परीक्षा की तैयारी करते समय रखें इन बातों का विशेष ध्यान

21 मई को लिए जाने वाले जेईई एडवांस की तैयारी के लिए काफी कम समय बचा है । अगर आप भी इस एग्जाम को देने के की तैयारी कर रहे है और योग्य हो गए हैं तो एडवासं के लिए बहुत कम समय बचे हैं और आईआईटी में सफल होने का सपना संजोए हैं, तो अपनी तैयारी को अंतिम रूप दे रहे होंगे। वैसे भी, परीक्षा में आप बेहतर प्रदर्शन तभी कर पाएंगे, जब आप इस परीक्षा की तैयारी सिलेबस के अनुरूप करेंगे, लेकिन अब इसे फाइनल टच देने का समय आ गया है

मैथ्स में न करें लापरवाही
इस परीक्षा में सफल स्टूडेंट्स का कहना है कि अगर आप आईआईटी में जाने के लिए सोच रहे हैं, तो मैथ्स की तैयारी में किसी तरह की कमी नहीं होनी चाहिए। इसमें थोड़ी भी लापरवाही आपके लिए सिरदर्द बन सकता है। सबसे बेहतर विकल्प यह है कि आप तीनों विषयों के लिए एक रूटीन बनाएं और उसी के अनुरूप तैयारी को अंतिम रूप दें। आपके लिए जरूरी है कि सबसे पहले मैथ्स की तैयारी करें और खूब प्रैक्टिस करें। तैयारी के दौरान अगर कहीं कन्फ्यूजन है, तो सबसे पहले उसे दूर करें। इस बात की गांठ बांध लें कि अगर आप अभी कन्यूज हैं, तो परीक्षा हॉल में अच्छे प्रदर्शन नहीं कर सकते हैं। आपके लिए जरूरी है कि आप सिलेबस के अनुरूप खुद तैयारी को अंतिम रूप दें। इसी तरह फिजिक्स और अन्य विषयों की तैयारी करें। आप परीक्षा में तैयारी के लिए जिम्मेदार हैं न कि परिणाम के लिए। आपके लिए इस समय बेहतर विकल्प यह है कि आप खुद को डिप्रेशन से दूर रखें। इस समय स्टूडेंट्स पर तनाव काफी हावी होता है। आप इससे दूर रहें। इसके साथ ही अगर आपके दोस्त इस परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, तो उसके साथ हेल्दी डिस्कशन जरूर करें। यह आपके लिए टॉनिक का काम करेगा।

महत्वपूर्ण टिप्स
परीक्षा कोई भी हो, अगर आप अभ्यास नहीं करते हैं, तो आप परीक्षा में सफल नहीं हो सकते हैं। आपके लिए जरूरी है कि आप परीक्षा में पूछे जानेवाले प्रश्नों का खूब अभ्यास करें। अगर आपके घर में इंटरनेट है, तो इन दिनों कई सारे वेबसाइट्स हैं, जो इसकी तैयारी कराते हैं। आप इसकी सहायता से प्रैक्टिस कर सकते हैं। कुछ साइट्स ऐसे होते हैं, जिसमें प्रश्नों के साथ साथ उत्तर भी होते हैं। आप हल करते समय इस पर विशेष ध्यान दें। अगर आप इस तरह की तैयारी करते हैं, तो आप इस परीक्षा में अवश्य सफल हो सकते हैं।

कोई भी स्टूडेंट्स कमजोर नहीं होता है, जिसकी तैयारी अच्छी होती है, वह अवश्य सफल होता है। आप बिना किसी दबाव के सिर्फ तैयारी पर फोकस करें, परिणाम के बारे में कुछ मत सोचें। खुद पर कॉन्फिडेंस जरूरी होता है। इस कारण कभी भी स्वयं को हीन न समझें। मैथ्स में किसी भी हालत में बेहतर प्रदर्शन करना ही होगा, इस कारण इस पर विशेष ध्यान दें।
 

Friday, May 12, 2017

UPSC इंटरव्‍यू के लिए ऐसे करें तैयारी


ऐसा माना जाता है कि UPSC इंटरव्‍यू सबसे मुश्‍क‍िल होता है. मेन एग्‍जाम का रिजल्‍ट आने के बाद इंटरव्‍यू की तैयारी के लिए काफी कम समय मिलता है. इसलिए यह सुझाव दिया जाता है कि मेन एग्‍जाम की तैयारी के साथ-साथ इंटरव्‍यू की तैयारी भी करते रहें.

इंटरव्‍यू 275 मार्क्‍स का होता है और साल 2009 के आंकड़ों की मानें तो बहुत कम ही कैंडिडेट 100 से अधिक मार्क्‍स ला पाते हैं. IAS ऑफिसर सुहर्षा भगत के अनुसार प्रीलिम्‍स और मेन्‍स से इंटरव्‍यू बिल्‍कुल अलग होता है. इसमें सिर्फ आपकी जानकारी का ही नहीं, बल्‍क‍ि आपकी पूरी पर्सनैलिटी का टेस्‍ट होता है.

इस बात को दिमाग में रखें कि आपकी तैयारी कुछ ऐसी होनी चाहिए, जिससे आपका आत्‍मविश्‍वास बढ़े, बॉडी लैंग्‍वेज ठीक हो, करेंट अफेयर्स हाल-फिलहाल की घटनाओं की पूरी जानकारी हो.

अगर आपने कोई हॉबी बताई है तो उस बारे में आपको अच्‍छी जानकारी होनी चाहिए.

यहां कुछ ऐसे टिप्‍स दिए गए हैं, जो आपको यूपीएससी के इंटरव्‍यू में सफलता दिला सकते हैं...

1.जिन विषयों या चीजों की जानकारी न हो, उस पर बहस करने की बजाय यह कह दें कि माफ कीजिएगा, मुझे इस टॉपिक के बारे में जानकारी नहीं है.

2.अगर आपने चेतन भगत की चार किताबें पढ़ ली हैं और आपको लगता है कि आपके किताबों की जानकारी अच्‍छी होगी तो यह आपकी गलतफहमी है. क्‍योंकि किसी लेखक की कुछ किताबें पढ़ लेने से ही लिट्रेचर की पूरी जानकारी नहीं हो जाती. इसलिए, उसी क्षेत्र के बारे में बताएं, जिस पर आपका नियंत्रण हो और जिसके बारे में आप विस्‍तार से जानते हों.

3.बहुत ज्‍यादा आइडियलिस्‍ट‍िक न बनें. किसी विषय पर राय मांगी जाए तो उस पर अपनी व्‍यवहारिक राय दें, न कि आइडियल बनने की कोशिश करें.

करियर चुनने से पहले खुद से पूछे ये 4 सवाल


12वीं के बाद आप किस कोर्स में एडमिशन लेंगे यह इस बात पर निर्भर करता है कि आप किस क्षेत्र में कर‍ियर बनाना चाहते हैं. एक बार कोर्स में एडमिशन लेने के बाद आपका पीछे हटना पैसे और समय दोनों की बरबादी होगी. इसलिए एडमिशन से पहले अच्छी तरह सोचें और तभी फैसला लें.
करियर के रास्ते पर आगे बढ़ने से पहले दो मिनट रुके और खुद से ये 4 सवाल जरूर पूछें...

1. क्या आप जिस कोर्स को करना चाहते हैं वह आगे चलकर आपके करियर में मददगार होगा...जी हां सबसे पहला सवाल तो आप खुद से यही पूछें कि आप जो कोर्स करने जा रहे हैं वह अपने करियर को किस तरह फायदा पहुंचाएगा. आप उसका कितना लाभ उठा सकते हैं.

2. क्या कोर्स आपकी पसंद का है... कुछ छात्र अपने दोस्तों की देखा-देखी कोर्स चुनते हैं. दोस्तों का साथ कॉलेज में भी मिले, इससे अच्छी बात कुछ और नहीं हो सकती, पर बात जब करियर की हो तो उसमें कोताही न बरतें. कोर्स हमेशा अपने इंटरेस्ट के अनुसार ही चुनें.

3. जो भी विषय चुन रहें, उसमें कितने अच्छे हैं... किसी भी विषय में एडमिशन से पहले यह सवाल खुद से जरूर पूछें कि आप उस विषय में कितने अच्छे हैं.

4. आपकी पर्सनालिटी को कौन सा वातावरण सूट करता है... जी हां. हर व्यक्त‍ि का अपना अलग व्यक्त‍ित्व होता है और वह उसी व्यक्त‍ित्व के अनुसार माहौल में काम करना पसंद करता है. इसलिए करियर की शुरुआत में ही खुद यह तय कर ले

करना है इंजीनियरिंग तो पहले जाँच ले फिर ले एडमिशन क्योंकि देश भर में चल रहे हैं फेक इंजीनियरिंग कॉलेज, UGC ने जारी की लिस्‍ट

UGC और ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (AICTE) ने एक लिस्ट जारी की है. इसमें कहा गया है कि भारत में कई 'फेक इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटीज' हैं. लिस्ट में बताया गया है कि भारत में कुल 279 टेक्निकल फेक इंस्टिट्यूट हैं, जिसमें से 66 फेक इंस्टिट्यूट दिल्ली में हैं.

यूजीसी ने वॉर्निंग दी है कि इन सभी इंस्टिट्यूट्स की डिग्री की कोई वेल्यू नहीं है, साथ ही ऐसे कॉलेज में दिया गया प्रमाण पत्र सिर्फ कागज के टुकड़े के बराबर है.

विश्वविद्यालय आयोग का कहना है देशी की 23 फेक यूनिवर्सिटीज में से अब भी दिल्ली में 7 यूनिवर्सिटीज चल रही हैं. साथ ही यह भी कहा गया है कि वे ऐसे संस्थानों के खिलाफ उचित कार्रवाई के लिए लिस्ट जारी करेंगे.

तेलंगाना, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र में भी कई नकली तकनीकी संस्थान चल रहे हैं. AICTE ने नोटिस जारी करते हुए स्टूडेंट्स को दिशानिर्देश दिए हैं कि वे इन कॉलेजों में एडमिशन ना लें.

इसकी जानकारी सभी समाचार पत्रों में दी गई है, जिससे ज्यादा से ज्यादा लोग अवेयर हों. मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री महेंद्र नाथ पांडे ने हाल ही में राज्यसभा को बताया था कि मंत्रालय ने राज्य सरकारों को इस मामले की जांच करने और जाली विश्वविद्यालयों के खिलाफ पुलिस शिकायत दर्ज करने के लिए लेटर लिखा था.

स्‍पोर्ट्स मैनेजमेंट में है स्कोप, यहां से कर सकते हैं कोर्स...


हाल ही में स्‍पोर्ट्स इंडस्ट्री में तेजी से विकास हुआ है. पहले जहां क्रिकेट पर पूरा ध्यान दिया जाता था, वहीं अब क्रिकेट छोड़ तमाम खेलों पर भी ध्यान दिया जा रहा है.
साथ ही यंग जेनरेशन स्‍पोर्ट्स फील्ड में करियर बनाने की प्लानिंग कर रहे हैं. हम आपको बता रहे हैं स्‍पोर्ट्स मैनेजमेंट से जुड़ी सभी तरह की जानकारी.

किसी भी खेल में स्‍पोर्ट्स मैनेजमेंट की काफी अहम भूमिका होती है. जिसे मार्केटिंग और बिजनेस की नजरों से भी देखा जा सकता है. एक खेल का कैसे, कहां और कब आयोजन होना है इसकी सारी जिम्मेदारी स्‍पोर्ट्स मैनेजमेंट के हाथों में होती है. एक रिपोर्ट के अनुसार, 2022 तक इस फील्ड में 8 लाख स्‍पोर्ट्स मैनेजमेंट की नौकरियों की जरूरत होगी. स्‍पोर्ट्स मैनेजमेंट में अपने कदम जमाने के लिए प्लांनिग, ऑर्गेनाइजिंग, डायरेक्टिंग, कंट्रोलिंग और लीडरशिप का होना बेहद जरूरी है.

पात्रता
किसी भी मान्यताप्राप्त संस्‍थान से ग्रेजुएशन के बाद आप स्‍पोर्ट्स मैनेजमेंट में पोस्ट ग्रेजुएशन का डिप्लोमा कर सकते हैं.

कितना कमा सकते हैं
शुरुआत में 15 से 20 हजार कमा सकते है. बाद में आपका पैकेज 6 लाख सालाना या उससे अधिक भी हो जाता है.

स्‍पोर्ट्स मैनेजमेंट के फेमस कॉलेज

1. इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल वेलफेयर एंड बिजनेस मैनेजमेंट, कोलकाता www.iiswbm.edu/

2. लक्ष्मीबाई नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन, ग्वालियर www.in ipe.gov.in/

3. इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन एंड स्‍पोर्ट्स साइंस, दिल्ली www.igipess.du.ac.in/

4. जीवाजी यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट ऑफ डिस्टेंस एजुकेशन, ग्वालियर (www.jiwaji.edu/distanceeducation.asp

इन रास्तों से बन सकते हैं आप टीचर


युवाओं में टीचिंग प्रोफेशन को लेकर रुझान बढ़ा है. टीचिंग फील्ड में जॉब के भी बेहतरीन अवसर भी हैं. प्राइवेट स्कूल से लेकर सरकारी स्कूलों तक में जॉब के अपार ऑप्शन हैं. आप अपना कोचिंग सेंटर भी खोल सकतें हैं.
लेकिन टीचर बनने के लिए किसी विषय में सिर्फ कोर्स करना ही काफी नहीं है. इसके लिए आपको कुछ विशेष परीक्षाएं भी पास करनी होंगी. यह आप पर निर्भर करता है कि आप किस कक्षा के छात्र को पढ़ाना चाहते हैं और आपकी परीक्षा भी उसी आधार पर ली जाएगी. आइये देखते हैं टीचर बनने के लिए कौन-कौन सी परीक्षाएं देनी होती हैं...

1. TGT और PGT परीक्षा
टीजीटी और पीजीटी परीक्षा राज्य स्तर में आयोजित की जाती है. टीजीटी परीक्षा में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार को ग्रेजुएट और बीएड होना अनिवार्य है और वही पीजीटी परीक्षा के लिए उम्मीदवार को पोस्ट ग्रेजुएट के साथ बीएड पास होना भी अनिवार्य है.
यदि उम्मीदवार टीजीटी परीक्षा उत्तीर्ण कर लेता है. तो वह शिक्षक के रूप में 6th क्लास से 10th क्लास के बच्चों को पढ़ा सकता है. यदि उम्मीदवार पीजीटी परीक्षा पास कर लेता है तो वह 10th क्लास से 12th क्लास तक के बच्चों को पढ़ा सकता है.

2. TET,CTET
उम्मीदवार बीएड परीक्षा के बाद TET यानी कि Teacher Eligibility Test परीक्षा में भी भाग ले सकता है. यदि उम्मीदवार का अभी बीएड परीक्षा का रिजल्ट नहीं आया है तो भी उम्मीदवार परीक्षा में सम्म्लित हो सकते हैं. यदि उम्मीदवार टीईटी परीक्षा में पास हो जाते हैं तो उन्हें राज्य सरकार द्वारा कुछ निश्चित समय तक एक सर्टिफिकेट प्राप्त होता है. इस सर्टिफिकेट की अवधि लगभग 5 से 7 वर्ष तक होती है. इन वर्षों के दौरान ही उम्मीदवार टीचर भर्ती के लिए आवेदन कर सकते हैं. अगर उम्मीदवार को इस वर्षों के दौरान जॉब नहीं मिल पाती है तो उसे दोबारा TET परीक्षा देनी होगी, क्योंकि 7 साल बाद TET सर्टिफिकेट लैप्स हो माना जाएगा.

3. यूजीसी नेट
यदि उम्मीदवार कॉलेज में लेक्चरर की नौकरी चाहता है तो उस उम्मीदवार को यह परीक्षा पास करनी पड़ती है. UGC नेट की यह परीक्षा साल में दो बार दिसंबर और जून माह में आयोजित की जाती है. इस परीक्षा में तीन एग्जाम होते हैं. उम्मीदवार इंग्लिश या हिंदी में से किसी भी भाषा का प्रयोग करके UGC नेट की परीक्षा दे सकता है. पहले एग्जाम में सामान्य ज्ञान, टीचिंग एप्टीट्यूट, व् रीजनिंग से सम्बंधित प्रस्न पूछे जाते है और दूसरे व तीसरे एग्जाम में उम्मीदवार द्वारा चुने गए विषयों से सम्बंधित सवाल पूछे जाते हैं.

साइबर लॉ भारत में तेजी से उभरता करियर

आज लगभग हर क्षेत्र में इंटरनेट या कम्प्यूटर का उपयोग होने लगा है और इस पर लोगों की निर्भरता भी लगातार बढ़ती जा रही है, लेकिन कुछ लोग इसका बेजा इस्तेमाल भी करने लगे हैं। हैकर्स दूसरों के अकाउंट और महत्वपूर्ण डाटा को आसानी से उड़ा ले जाते हैं। हालांकि शुरू-शुरू के दिनों में इंटरनेट का इस्तेमाल महज रिसर्च और महत्वपूर्ण सूचनाओं को हासिल करने के उद्द्ददेश्य से ही किया जा रहा था, पर अब जिस तरह से इंटरनेट का प्रयोग तेजी से बढ़ने लगा है, कुछ उसी रफ्तार से साइबर क्राइम भी बढ़ रहा है। इससे निपटने के लिए साइबर लॉ और इसके एक्सपर्ट्स की आवश्यकता महसूस की जाने लगी है
साइबर क्राइम
पूरी दुनिया में साइबर स्पेस का अपना एक कानून है, जिसका मकसद इंटरनेट के माध्यम से होने वाले अपराधों पर लगाम लगाना है। इंटरनेट के जरिए अंजाम दिए जाने वाले अपराधों के हाइटेक रूप को ही साइबर क्राइम कहा जाता है। इसके अंतर्गत इंटरनेट द्वारा क्रेडिट कार्ड चोरी, ब्लैकमेलिंग, स्टॉकिंग, कॉपीराइट और ट्रेडमार्क फ्रॉड, पोर्नोग्राफी आदि जैसी आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया जाता है।
साइबर लॉ एक्सपर्ट्स की बढ़ती डिमांड
इन दिनों में जैसे-जैसे कम्प्यूटर पर लोगों की निर्भरता बढ़ती जा रही है। साइबर क्राइम बढ़ने की आशंका भी उसी रफ्तार से बढ़ रही है। ऐसी स्थिति में साइबर क्राइम पर लगाम लगाने के लिए एक्सपर्ट्स की आने वाले दिनों में अच्छी खासी डिमांड होगी। सामान्य कानून और पुलिस इस तरह के अपराधों से निपटने में सक्षम नहीं है। साइबर क्राइम से निपटने में वे लोग ही माहिर होते हैं, जो साइबर लॉ के विशेषज्ञ होने के साथ-साथ साइबर क्रिमिनल्स की हाइटेक टेक्निक से भी वाकिफ होते हैं।
साइबर की दुनिया में एंट्री
यदि आप साइबर एक्सपर्ट बनकर साइबर क्राइम पर फंदा कसना चाहते हैं, तो 12वीं के बाद इस तरह के कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं। कानून, टेक्नोलॉजी, मैनेजमेंट, अकाउंट आदि क्षेत्रों से जुड़े स्टूडेंट्स या पेशेवर लोग भी इस तरह के कोर्स कर सकते हैं। जिन छात्रों ने पहले से ही लॉ कोर्स किया है। उन्हें लॉ के केवल बेसिक्स ही नहीं पढ़ने होंगे, बल्कि साइबर क्राइम और इससे निपटने के तरीके सीखने होंगे।

साइबर लॉ कोर्स
साइबर लॉ का क्षेत्र काफी व्यापक है। यहां तकनीकी विषयों के साथ-साथ कानूनी पहलुओं का भी अध्ययन किया जाता है। इसके पाठ्यक्रम में टेक्नोलॉजी और लॉ दोनों विषयों के बारे में विस्तृत रूप से पढ़ाया जाता है।

कोर्स स्ट्रक्चर इस प्रकार है :
राइट आॅफ सिटीजंस और ई-गवर्नेंस
इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी ऐक्ट
मैनेजमेंट और इससे जुड़े विषय
लॉ आॅफ डिजिटल कॉन्ट्रैक्ट
बौद्धिक संपदा अधिकार संबंधी मुद्दे
साइबर लॉ से जुड़े इंटरनेशनल पहलुओं का अध्ययन

करियर आॅप्शंस
इन दिनों साइबर लॉ के क्षेत्र में करियर आॅप्शंस की कोई कमी नहीं है। आइए जानते हैं, कौन-कौन से वे क्षेत्र हैं, जिनमें आप अपना करियर बना सकते हैं

रिसर्च का क्षेत्र
रिसर्चर के रूप में देश की प्रमुख यूनिवर्सिटी, लॉ-फर्म्स, मल्टीनेशनल कंपनियों, गवर्नमेंट डिपार्टमेंट्स आदि में काम करने का खूब मौके हैे। अब्रॉड यूनिवर्सिटीज में हायर स्टडी के लिए स्कॉलरशिप भी मिल सकती है।

ट्रेनिंग के क्षेत्र
मल्टीनेशनल कंपनियों, बड़े कॉर्पोरेट हाउसेज, सरकारी और पुलिस डिपार्टमेंट्स में ट्रेनर के तौर पर। देश के जाने-माने ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट्स के फैकल्टी मेंबर के तौर पर। साइबर लॉ को करियर के रूप में अपनाकर संबंधित मुकदमों के निपटाने वाले विशेषज्ञ वकील बन सकते हैं।
मनी मीटर
भारत में साइबर क्राइम तेजी से उभरता हुआ करियर क्षेत्र है। इस लिए इस क्षेत्र में सैलरी पैकेज भी काफी दमदार है। शुरू-शुरू में आपकी सैलरी प्रति माह 15 से 20 हजार रुपये होती है।

इंस्टीट्यूट्स वॉच

सिम्बॉयोसिस सोसायटी लॉ कॉलेज, पुणे
आसियान स्कूल आॅफ सायबर लॉ, पुणे
सेंटर आॅफ डिस्टेंस एजुकेशन, हैदराबाद
इंडियन इंस्टीट्यूट आॅफ इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी, इलाहाबाद
साइबर लॉ कॉलेज, नावी
अमेटी लॉ स्कूल, दिल्ली
डिपार्टमेंट आॅफ लॉ, दिल्ली यूनिवर्सिटी

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