जेईई एडवांस परीक्षा में अब कुछ ही वक्त बचा है। ऐसे में यह समय कुछ नया करने को नहीं है। बस कुछ बातों का ध्यान रखकर सधे तरीके से सफलता की ओर कदम बढ़ाए जा सकते हैं।
परीक्षा विशेषज्ञों के अनुसार जेईई एडवांस का पैटर्न जेईई मेंस से काफी भिन्न है। उदाहरण के तौर पर जेईई मेंस में जो प्रश्न आते हैं उसमें सिर्फ एक ही उत्तर सही होता है। वहीं, जेईई एडवांस में एक ही प्रश्न के कई उत्तर भी सही हो सकते हैं। ऐसे में अभ्यर्थी को सभी विकल्प चेक करने होंगे।
इस परीक्षा में पैराग्राफ पर आधारित प्रश्न भी आते हैं। जो कि सामान्य तौर पर आसान होते हैं। पूरा पैराग्राफ पढ़ने के बाद ही उत्तर देना चाहिए। इसके अलावा इंटीजर बेस्ड प्रश्न आते हैं। यानी इन प्रश्न में उत्तर 1,2,3,4,5 इस तरह से ही होंगे।
जेईई मेंस में एक ही पेपर होता है। वहीं, जेईई एडवांस में दो पेपर होंगे और दोनों में ही भौतिकी, रसायन विज्ञान व गणित के प्रश्न होंगे।
लगाएं सही अनुमान
गत वर्ष भी प्रश्नों के गलत उत्तरों के लिए नकारात्मक अंक नहीं थे। इसका अर्थ यह है कि आप यहां कुछ स्वतंत्रता ले सकते हैं और अपने उत्तरों का अनुमान लगा सकते हैं।
बनाएं ठोस रणनीति
जेईई एडवांस परीक्षा में पूछे जाने वाले 40 प्रतिशत प्रश्न आसान, 30 प्रतिशत सामान्य रूप से कठिन और 30 प्रतिशत कठिन होते हैं। अधिक अंक प्राप्त करने के लिए इस मुताबिक ठोस रणनीति बनाएं।
इस पर दें ध्यान
-जेईई एडवांस में हमेशा कुछ न कुछ सरप्राइज फेक्टर होता है, इसलिए निर्देश ध्यान से पढ़ें।
-यहां पर हरेक सवाल पर निगेटिव मार्किंग अलग-अलग हो सकती है। जिन सवालों में निगेटिव मार्किंग नहीं है, उनमें तुक्का भी मारा जा सकता है।
-एक सवाल में कई कॉन्सेप्ट मिले हो सकते हैं। अगर आप उन कॉन्सेप्ट को अलग-अलग कर लें तो सवाल आसानी से हल होगा।
-हरेक विषय की कट ऑफ निश्चित है। ऐसा अक्सर देखने में आया है कि छात्र दो विषयों में बहुत अच्छे अंक ले आते हैं, पर तीसरे में कट ऑफ क्लियर नहीं कर पाते और उनका चयन नहीं होता।
-याद रहे कि आपकी मेरिट दोनों पेपर के कुल प्राप्तांक से बननी है। पहला पेपर अच्छा न भी हो तो भी घबराएं नहीं और दूसरे पेपर में पहले पेपर की कामियां दूर करें।
-किसी भी प्रश्न पर ज्यादा वक्त बर्बाद न करें। यदि किसी प्रश्न में फंस रहे हैं तो उसे छोड़ आगे बढ़ें।
-परीक्षा में समय का खास ख्याल रखें और तीनों विषयों में कट ऑफ का ख्याल रखते हुए आगे बढ़ें।
-प्रश्न पत्र की शुरुआत उस विषय से करें जिसमें सबसे अधिक विश्वास है। इससे समय प्रबंधन कर पाएंगे।
-ओएमआर शीट भरते समय खास ख्याल रखें और सावधानी बरतें। जैसे ही प्रश्न हल करें, तुरंत जवाब ओएमआर शीट पर अंकित करें। ऐसे में गलतियों से बच जाएंगे।
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