Monday, September 18, 2017

5 सर्टिफिकेशन जो दिलाएंगे ज्यादा वेतन


ऑटोमेशन के कारण बड़े पैमाने पर नौकरियां जाने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में जॉब इंडस्ट्री बार-बार प्रोफेशनल्स को खुद को रिस्किल करने की चेतावनी दे रही है। बी.टेक करने के बाद काम करते हुए विभिन्न सर्टिफिकेशन न सिर्फ प्रोफेशनलों की दक्षता को बढ़ाते हैं बल्कि उन्हें और अच्छे पैकेज वाली नौकरी के लायक भी बनाते हैं। ये हैं कुछ सर्टिफिकेशन
सर्टिफाइड इन रिस्क एंड इनफॉरमेशन सिस्टम्स कंट्रोल (सीआरआईएससी)
नॉन प्रॉफिट गु्रप आईएसएसीए (इनफॉरमेशन सिस्टम्स ऑडिट एंड कंट्रोल एसोसिएशन) सीआरआईएससी सर्टिफिकेशन ऑफर और मैनेज करती है। ये सर्टिफिकेशन आईटी प्रोफेशनल, प्रोजेक्ट मैनेजर और उन प्रोफेशनल्स के लिए है जो आईटी और बिजनेस के रिस्क को इनफॉरमेशन सिस्टम कंट्रोल के जरिए मैनेज करते हैं। सीआरआईएससी सर्टिफिकेशन को 2010 में लॉन्च किया गया था। इसमें डिजाइन से लेकर क्रियान्वयन और मेंटेनेंस को भी शामिल किया जाता है।
कैसे करें सर्टिफिकेशन
इस सर्टिफिकेशन को करने के लिए आपके पास इस संबंधित कम से कम दो क्षेत्रों में तीन साल का अनुभव होना चाहिए। इसके अलावा आपको हर साल इस सर्टिफिकेशन के लिए होने वाली परीक्षा पास करनी पड़ेगी। इस परीक्षा के लिए साल भर में आठ हफ्तों की एक विंडो बनाई जाती है। इस दौरान आप किसी भी दिन परीक्षा दे सकते हैं। 2017 में यह परीक्षा 1 मई से 30 जून, 1 अगस्त से 30 सितंबर और 1 नवंबर से 31 दिसंबर तक होंगे। यह परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड होती है। इसके लिए आईएसएसीए की वेबसाइट पर जाकर रजिस्ट्रेशन करें और सारे परीक्षा केंद्रों की सूची भी देख सकते हैं। अपने सर्टिफिकेशन की मान्यता को बरकरार रखने के लिए हर साल परीक्षा देकर सीपीई (कंटीन्यूइंग प्रोफेशनल एजुकेशन) क्रेडिट अर्जित करने पड़ते हैं। क्लाउड कंप्यूटिंग के बढ़ने के साथ ही इस सर्टिफिकेशन की डिमांड सबसे ऊंची रहेगी।
सर्टिफाइड इंफॉरमेशन सिक्युरिटी मैनेजर (सीआईएसएम)
नॉन प्रॉफिट गु्रप आईएसएसीए (इनफॉरमेशन सिस्टम्स ऑडिट एंड कंट्रोल एसोसिएशन) सीआईएसएम सर्टिफिकेशन भी करवाती है। इस सर्टिफिकेशन का उद्देश्य कंपनी के मैनेजमेंट और सिक्युरिटी स्ट्रैटेजी का प्लान करना है। इसके अलावा कंपनी के सिस्टम और पॉलिसी की समीक्षा करना है।
कैसे करें सर्टिफिकेशन
इस सर्टिफिकेशन को करने के लिए इंफॉरमेशन सिक्युरिटी के क्षेत्र में कम से कम तीन विषयों पर पांच साल का अनुभव होना चाहिए। आपका काम करने का अनुभव या तो परीक्षा देने से 10 साल पहले का होना चाहिए या परीक्षा पास करने के पांच साल बाद का।
सर्टिफाइड इनफॉरमेशन सिस्टम सिक्युरिटी प्रोफेशनल (सीआईएसएसपी)
सीआईएसएसपी सर्टिफिकेशन आईएससी-2 (इनफॉरमेशन सिस्टम्स सिक्युरिटी सर्टिफिकेशन कॉन्सोर्टियम) द्वारा करवाया जाता है। सीआईएसएसपी को साइबर सिक्युरिटी के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करने के लिए बनाया गया है। इस सर्टिफिकेशन को अनुभव अर्जित करते हुए भी किया जा सकता है। साइबर सिक्युरिटी के क्षेत्र में काम करने की इच्छा रखने वाले प्रोफेशनलों के लिए यह एक बेहतरीन सर्टिफिकेशन है।
कैसे करें सर्टिफिकेशन
ये परीक्षाएं पीयरसन वोइ टेस्टिंग केंद्रों पर करवाई जाती है। इस परीक्षा में बैठने के लिए आईएस में कम से कम पांच साल का अनुभव होना जरूरी है। इसके अलावा तीन का साल सिक्युरिटी मैनेजर का अनुभव भी मान्य है। सर्टिफिकेशन की मान्यता बरकरार रखने के लिए हर साल सीईसी (कॉन्टिन्यूइंग एजुकेशन क्रेडिट) क्रेडिट अर्जित करना आवश्यक है। यह परीक्षा कंप्यूटर सिक्युरिटी के आठ क्षेत्रों पर आधारित होगी। इनमें सिक्युरिटी एंड रिस्क मैनेजमेंट, कम्युनिकेशन और नेटवर्क सिक्युरिटी, सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सिक्युरिटी, एसेट सिक्युरिटी, सिक्युरिटी इंजीनियरिंग, आइडेंटिफाइन एंड एक्सेस मैनेजमेंट, सिक्युरिटी एस्सेमेंट एंड टेस्टिंग और सिक्युरिटी ऑपरेशन शामिल हैं।
एडब्ल्यूएस सर्टिफाइड सोल्यूशन आर्किटेक्ट-एसोसिएट
एडब्ल्यूएस सर्टिफाइड सोल्यूशन आर्किटेक्ट एसोसिएट की परीक्षा पास करने से एडब्लयूएस में आपकी दक्षता का पता चलता है। जॉब मार्केट में दक्ष और सर्टिफाइड एडब्ल्यूएस सोल्यूशन आर्किटेक्ट की मांग काफी ज्यादा है।
कैसे करें सर्टिफिकेशन
एडब्ल्यूएस में सर्टिफिकेशन करने के लिए एडब्ल्यूएस के क्षेत्र में काम करने का कम से कम छह महीने का अनुभव होना चाहिए। ये परीक्षा कंप्यूटर बेस्ड होती है। एडब्ल्यूएस सर्टिफाइड सोल्यूशन आर्किटेक्ट सर्टिफिकेशन की परीक्षा में एडब्ल्यूएस की डिजाइनिंग, सही एडब्ल्यूएस सेवा का चुनाव करना, एडब्ल्यूएस के खर्चों का आकलन करना और कॉस्ट कंट्रोल के मानकों की पहचान करना शामिल है।
प्रोजेक्ट मैनेजमेंट प्रोफेशनल (पीएमपी)
पीएमपी सर्टिफिकेशन पांचवीं सबसे ऊंचे वेतन वाली सर्टिफिकेशन है। इसे प्रोजेक्ट मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट द्वारा संचालित किया जाता है। जॉब मार्केट में इस प्रोजेक्ट मैनेजमेंट सर्टिफिकेशन की सबसे ज्यादा मांग है।
कैसे करें सर्टिफिकेशन
पीएमपी सर्टिफिकेशन परीक्षा में पांच क्षेत्रों में प्रोफेशनलों की दक्षता का आंका जाता है। इनमें इनिशिएटिंग (शुरुआत करना), प्लानिंग, एक्जीक्यूटिंग (कार्यान्वयन), मॉनिटरिंग, कंट्रोलिंग और क्लोजिंग शामिल है। इस सर्टिफिकेशन को करने के लिए प्रोफेशनल के पास पीएमपी से संबंधित कम से कम 35 घंटों की ट्रेनिंग होनी चाहिए। वहीं, जिनके पास बैचलर डिग्री नहीं है उनके पास 7500 घंटों की ट्रेनिंग होना जरूरी है। वहीं, बैचलर डिग्री वालों के पास कम से कम 4500 घंटों की ट्रेनिंग होनी चाहिए। इस सर्टिफिकेशन को करने के लिए पीएमआई के वेबसाइट पर जाकर अप्लाई कर सकते हैं।

अपने पैरों पर खड़ा होना हैं तो ये डिप्‍लोमा कोर्स कर सीधे पाएं नौकरी

12वीं की पढ़ाई खत्म करने के बाद ज्यादातर लोगों को यह समस्या आती है कि अब हम क्या करें ,किस फील्ड में करियर बनाएं और कौन सा कोर्स करें। जिसको करने के बाद हम ज्यादा पैसे कमा सके। इस तरह के सवाल अक्सर मन में आते रहते है। लेकिन अापको परेशान होने की कोई जरुरत नहीं। क्योंकि हम अापको बता रहे है कुछ एेसे डिप्‍लोमा जिसके बाद अाप अपने पैरों पर खड़े हो जाएंगे । 
नर्सिंग डिप्लोमा
बारहवीं करने के बाद आप नर्सिंग का डिप्लोमा कर सकते हैं. कई जगह कोर्स में दाखिला लेने के लिए इंट्रेंस टेस्ट होते हैं, कई जगह आपके बाहरवीं के मार्क्स के आधार पर ही एडमिशन दिया जाता है
फैकल्‍टी ऑफ नर्सिंग, जामिया हमदर्द यूनिवर्सिटी
बैंगलोर सिटी कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग
अपोलो कॉलेज ऑफ़ नर्सिंग
टीचिंग डिप्लोमा
बीएड टीचिंग में बेस्ट कोर्स है, लेकिन उसके लिए आपको पहले बीए करना जरूरी है. बाहरवीं के बाद टीचिंग में कई डिप्लोमा होते हैं जैसे : ई.टी.ई (एलीमेंट्री टीचर इन एजुकेशन ), डी. ई. डी (डिप्लोमा इन एजुकेशन ), एन.टी.टी ( नर्सरी टीचर ट्रेनिंग ). टीचिंग कोर्स करने के बाद आप कम से कम पंद्रह हज़ार की नौकरी से करियर की शुरुआत कर सकते हैं।
इंटरनेशनल वीमेन पॉलिटेक्निक, दिल्ली
विदेशी भाषा में डिप्लोमा
विदेशी भाषा के टीचर की स्कूलों और प्राइवेट कंपनियों में मांग बहुत ज्यादा बढ़ गई है। इसलिए किसी विदेशी भाषा में डिप्लोमा करके आप अपना अच्छा करियर बना सकते हैं। फ्रेंच, जर्मन, जैपनीज़, स्पेनिश और चाइनीज जैसी भाषाएं काफी प्रचलन में हैं. बहुत सारी यूनिवर्सिटी और इंन्स्टीट्यूट इन भाषाओं में डिप्‍लोमा कोर्स करवाते हैं। दिल्ली यूनिवर्सिटी के कई कॉलेजों में भी विदेशी भाषाओं के कोर्स हैं। इसके अलावा मुंबई यूनिवर्सिटी और पुणे यूनिवर्सिटी में भी विदेशी भाषाओं के कोर्स हैं. एक साल या दो साल के कोर्स के करने के बाद आप हर महीने बीस हज़ार से ऊपर कमा सकते हैं।
डिपार्टमेंट ऑफ़ जर्मन, यूनिवर्सिटी ऑफ़ मुंबई

ये 5 सरकारी नौकरियां आपके जीने का तरीका बदल देंगी, जानें क्या है इनमें खास


यदि आप सरकारी नौकरी पाने के इच्छुक हैं और इसके साथ ही अपनी साहसिक प्रवृत्ति को संतुष्ट करना चाहते हैं तो भारत सरकार साहसी और प्रतिभाशाली व्यक्तियों के लिए बहुत अवसर प्रदान करती है. यदि आप साहसिक कार्य करना चाहते है और गंभीर स्वाभाव के हैं तो आप इसरो और डीआरडीओ जैसी संस्थाओं में देश के टॉप मोस्ट स्कोलर्स के साथ काम कर सकते हैं. अगर छिपे हुए खजाने और कलाकृतियों की तलाश करने में आपकी रूचि है, तो आप भारत के एएसआई अर्थात भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण में नौकरी के अवसर को गँवाना नहीं चाहेंगे. प्रकृति और पशु प्रेमियों को भी अनदेखा नहीं किया जाएगा, क्योंकि वे भारतीय वन सेवाओं का हिस्सा बन सकते हैं. नीचे कुछ ऐसी ही विशेष सरकारी नौकरियों का जिक्र किया जा रहा है जो विशेष रूचि और विशेष योग्यता रखने वाले उम्मीदवारों को अपनी और आकर्षित करती हैं.
रॉ एजेंट
रिसर्च एंड एनालिसिस विंग देश की प्रमुख खुफिया एजेंसी है, जो विदेशी शत्रु से सभी खतरों का समय रहते पता लगाती है. रॉ के एक एजेंट के रूप में आप दुश्मन के इलाकों में एक नए राष्ट्र की रचना जैसे ऑपरेशन का हिस्सा बन सकते हैं और इससे अधिक साहसी कार्य क्या हो सकता है! इसके अलावा, दूसरे देशों में काम करने के साथ ही एक जासूस होने के नाते मिलने वाले अनेक लाभ भी इस नौकरी में शामिल हैं.
भारतीय सशस्त्र बल
भारतीय सशस्त्र बल सबसे प्रतिष्ठित पेशा है. यदि आप देशभक्ति से भरे हुए हैं, अपने देश के लिए कुछ करना चाहते हैं और हमेशा बिजी रहना चाहते हैं तो आपके लिए  भारतीय सशस्त्र बल में नौकरी करना एक सुंदर सपने के सच होने जैसा होगा. यहां नौकरी भत्तों के अलावा, आपके पास बहुत सारे अवसर होंगे जैसे - एरो स्पोर्ट्स-स्काइडाइविंग, पैरासेलिंग, पैराग्लाइडिंग, पावर हैंड ग्लाइडिंग, पैरा मोटर फ्लाइंग, माइक्रोलाइट फ्लाइंग, हॉट एयर बलूनिंग, एयरो मॉडलिंग और बहुत साहसिक कारनामे करने के अवसर.
इसरो वैज्ञानिक
वास्तव में इसरो में वैज्ञानिक और शोधकर्ताओं के लिए आकाश छू लेना भी कोई मायने नहीं रखता है. हाल ही में 100 + उपग्रहों को एक साथ लॉन्च करने का विश्व रिकॉर्ड हासिल करने के बाद, इसरो अब एक सर्वोच्च अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन के तौर पर प्रसिद्ध हो गया है. यह अजीब लग सकता है लेकिन ब्रह्मांड के अनजान भागों की खोज करना निश्चित रूप से दिलचस्प है.
पुरातत्वविद्/ आर्कियोलोजिस्ट
आपने पुरातत्वविदों को फिल्मों में राष्ट्रीय विरासत और कलाकृतियों की रक्षा करने की कोशिश में तस्करों से लड़ते हुए देखा होगा. हालांकि वास्तविकता में, एएसआई पुरातत्वविदों का जीवन रील जीवन की तरह एडवेंचरस नहीं हो सकता है. लेकिन आपके पास यकीनन सदियों से छिपे हुए रहस्यों का पता लगाने के लिए बहुत अवसर होंगे, जिनसे आप अपने कार्य के साथ ही एडवेंचर भी कर सकेंगे और यदि आपकी इतिहास को लेकर गंभीर जिज्ञासा है तो यह जॉब निश्चित रूप से आप ही के लिए है.
डीआरडीओ वैज्ञानिक
यदि आप जासूसी फिल्मों में दिखने वाले उन असाधारण से गैजेट्स में रूचि रखते हैं और आपमें योग्यता और प्रतिभा है तो आप रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) में काम कर सकते हैं. एक डीआरडीओ वैज्ञानिक के रूप में आप HI-Tech आधुनिक हथियार प्रणालियों में उपयोग किए जाने वाले विभिन्न रक्षा उपकरणों के डिज़ाइन और निर्माण का कार्य कर सकेंगे.
भारतीय वन सेवा
भारतीय वन सेवा के एक अधिकारी के रूप में आप प्रकृति और वन्य जीवन के महत्व को महसूस करेंगे और वास्तव में शिकारियों से वन्य प्राणियों के प्राण बचाना और वनों में जानवरों को खुला घूमते देखना बहुत ही खास है. यदि आप में वन्य जीवन और एडवेंचर के लिए रुचि है, तो भारतीय वन सेवा आपके लिए सही पेशा है.

कैस बनें कस्टम ऑफिसर? जानें क्या है आवश्यक योग्यता, चयन प्रक्रिया, सैलरी व अन्य सुविधाएं

कस्टम ऑफिसर जॉब्स
कस्टम्स विभाग का कार्य, ड्यूटी (एक तरह का कर) इकट्ठा करने के उद्देश्य से माल के आयात और निर्यात को नियंत्रित करना और निषिद्ध और प्रतिबंधित वस्तुओं के प्रवेश की जांच को नियंत्रित करना होता है. कस्टम ऑफिसर्स यह सुनिश्चित करते है कि कहीं भी तस्करी (स्मगलिंग) न की जाए. इस प्रकार से यह पद बहुत ही जिम्मेदारी भरा है. अगर आप भी देश हित में कस्टम ऑफिसर बनकर इन जिम्मेदारियों का निर्वहन करना चाहते हैं तो हम आपको इस आलेख के माध्यम से बताने जा रहें हैं कि कैसे आप भी बन सकते हैं कस्टम ऑफिसर.
आपको इसके लिए सबसे पहले यूपीएससी सिविल सर्विसेज परीक्षा को पास करना होगा. चयन होने के बाद आप कस्टम डिपार्टमेंट में आईआरएस (सी एंड सीई) को प्राथमिकता दे सकते हैं. सभी को पता है कि सिविल सेवा परीक्षा भारत सरकार की विभिन्न नागरिक सेवाओं में भर्ती के लिए यूपीएससी द्वारा आयोजित एक अखिल भारतीय प्रतिस्पर्धी परीक्षा है, जिसमें आईएएस, आईएफएस, आईपीएस, आईआरएस आदि शामिल हैं. सिविल सेवा परीक्षा भारत में सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं में से एक है.
इसलिए यदि आप सिविल सेवा के लिए इच्छुक हैं, तो आपको लगातार एवं कड़ी मेहनत करनी होगी. आपको अपने आस पास एवं दुनिया भर में हो रही हलचल से खुद को हमेशा अपडेट रखना होगा. आपको उन पत्रिकाओं को पढ़ना होगा जो आपके ज्ञान और योग्यता को बेहतर बनाने में आपकी सहायता कर सकते हैं. तभी आप इस प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में उत्तीर्ण हो पाएंगे.
आपको हम इस आलेख के माध्यम कस्टम ऑफिसर बनने के लिए आवश्यक सभी जानकारियों से अवगत करा रहे हैं. इस आलेख के में हमने निम्न बिन्दुओं को आपके समक्ष विस्तार से रखने का प्रयास किया है:-

भर्ती प्रक्रिया:
कस्टम ऑफिसर बनने के लिए, उम्मीदवारों को सिविल सेवा परीक्षा के लिए आवेदन करना होता है. यह संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित किया जाता है. यह प्रवेश परीक्षा 27 विभिन्न सेवाओं में प्रवेश करती है जिसमें भारतीय सीमा शुल्क और केन्द्रीय उत्पाद शुल्क सेवा शामिल है. सिविल सेवा परीक्षा दो अलग-अलग भागों में आयोजित की जाती है. ये प्रारंभिक और मुख्य परीक्षा हैं. जिन लोगों का चयन किया जाता है उन्हें या तो कस्टम विभाग के कार्यों में प्रशिक्षण के लिए चेन्नई भेज दिया जाता है या केंद्रीय उत्पाद शुल्क सेवा प्रशिक्षण के लिए चुने गए लोगों को मेट्रोपॉलिटन शहरों में से एक में तैनात किया जाता है. सीमा शुल्क कार्यालय की भूमिका ग्रहण करने के लिए आपको भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) में शामिल होना होगा. IAS आयकर और सीमा शुल्क और केंद्रीय एक्साइज का गठन करती है. सीमा शुल्क देश में लाए गए सामानों के कराधान से संबंधित होता है. देश के भीतर उत्पादित सामानों के साथ आबकारी सौदों का कराधान भी इसमें शामिल है. संघ लोक सेवा आयोग भारतीय विदेश सेवा, भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा, भारतीय लेखा परीक्षा और लेखा सेवा, केंद्रीय सचिवालय सेवा और भारतीय राजस्व सेवा (सीमा शुल्क और केन्द्रीय उत्पाद शुल्क), समूह 'ए जैसी सेवाओं में भर्ती के लिए नागरिक सेवाओं की जांच का आयोजन करती है।
योग्यता मानदंड:
कस्टम ऑफिसर बनने के लिए बैचलर डिग्री, बेसिक योग्यता है. एक कस्टम अधिकारी जो भारत सरकार के तहत काम कर रहा है वह 21 से 30 वर्ष से ऊपर होना चाहिए और उसके द्वारा स्नातक पूरा होना चाहिए. उम्मीदवार को 55% अंकों से अधिक स्कोर करना होगा और उसके बाद ही वह भर्ती के लिए आवेदन कर सकता है. स्नातक स्तर पर हासिल योग्यता के आधार पर प्रवेश पत्र भेजा जाता है. सूचनाएं रोजगार समाचार पत्र और अन्य प्रमुख पत्रिकाओं में प्रकाशित की जाती हैं. सरकारी परीक्षा सालाना आयोजित की जाती है लेकिन कई अन्य निजी कंपनियां भी हैं जो समान नौकरी प्रदान करती हैं.
सिविल सेवा परीक्षा में शामिल हैं:
(I) सिविल सर्विस ऍप्टीट्यूड टेस्ट (सीएसएटी)
(Ii) सिविल सेवा मुख्य परीक्षा
(Iii) व्यक्तित्व परीक्षण
सिविल सर्विस ऍप्टीट्यूड टेस्ट में दो पेपर शामिल हैं. प्रत्येक पेपर में अधिकतम 200 अंक होते हैं. प्रश्न ऑब्जेक्टिव टाइप के होते हैं. इस पाठ्यक्रम में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय वर्तमान घटनाक्रम, भारत का इतिहास, भूगोल, आर्थिक और सामाजिक विकास, पर्यावरण पारिस्थितिकी, सामान्य विज्ञान, तार्किक तर्क और विश्लेषणात्मक क्षमता और अंग्रेजी भाषा की समझ के कौशल पर सामान्य मुद्दे शामिल होते हैं.
सिविल सर्विस ऍप्टीट्यूड टेस्ट के योग्य होने के बाद, आप मुख्य परीक्षा देने के लिए पात्र होते हैं.
सिविल सेवा मुख्य परीक्षा नौ पेपर्स की होती है. सभी पेपर वर्णनात्मक (डिस्क्रप्टिव) प्रकार के होते हैं. ये पेपर उम्मीदवारों की समग्र बौद्धिक क्षमताओं और ज्ञान का  आंकलन करता है.
पर्सनेलिटी टेस्ट, एक साक्षात्कार है जिसमें उनकी बुद्धि, क्षमताओं, गुणों और मूल्यों के मामले में उम्मीदवार के व्यक्तित्व का आंकलन किया जाता है.
कस्टम अधिकारी के लिए आपको इन आवश्यकताओं को पूरा करना होगा:
ऊंचाई---157.5 सेमी
छाती --- 81 सेमी
आयु --- 28 से कम
योग्यता --- स्नातक
रिलेक्सेशन --- एससी, एसटी, एनडी
परीक्षा --- यूपीएससी, एमपीएससी
सैलरी:
कस्टम अधिकारियों और वेतन में कई रैंक हैं, जो कि उनकी रैंकों के अनुसार अलग-अलग होते हैं.
एग्जीक्यूटिव स्तर पर, पदानुक्रम के निचले स्तर पर, प्रारंभिक वेतन टियर 1 शहरों में 42000INR के आस-पास है, जिसमें महालाभ (डियरनेस) भत्ता, हाउस रेंट भत्ता, यात्रा भत्ता आदि शामिल हैं, पेंशन, प्रोफेशनल टैक्स, कर्मचारी जीवन बीमा और केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य बीमा को इसमें से माइनस कर दीजिए.
यह वेतन धीरे-धीरे धीरे-धीरे बढ़ता है, लेकिन समय, पदोन्नति और वेतन आयोगों के अनुसार निर्धारित होता है.
अपडेट: 7 वीं सीपीसी के कार्यान्वयन के साथ, इंसपेक्टर की रैंक रखने वाले सीमा शुल्क अधिकारी का वेतन 52000INR है (जबकि सकल (ग्रॉस) लगभग 60000INR में है)
कस्टम अधिकारी बनने के लिए आवश्यक गुण:
भारतीय नागरिकता
एक वाहन का लाइसेंस होना चाहिए
ओड टाइम में काम करने की योग्यता
रिलायेबल ट्रांसपोर्टेशन हो
कभी भी किसी प्रकार के ड्रग का इस्तेमाल नहीं किया हो
एक व्यापक पृष्ठभूमि होना आवश्यक है
वांछित स्थिति के लिए आवश्यक सभी प्रशिक्षण को सफलतापूर्वक पूरा करने में सक्षम होना चाहिए
रेडियो या टेलीफोन उपकरण को सक्रिय करने और मॉनिटर कंसोल करने में सक्षम होना चाहिए
कम्यूनिटी के साथ आम तौर पर सहयोग करने और संवाद करने की योग्यता हो
परीक्षा और साक्षात्कार के लिए कैसे करें तैयारी?
संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा की तैयारी के लिए, उम्मीदवार को सभी करंट अफेयर्स के बारे में पता होना चाहिए. प्रतियोगी की जनरल अवेयरनेस अच्छी होनी चाहिए. समाचार पत्रों को नियमित रूप से पढ़ने से सहायता मिलेगी. उम्मीदवारों को अंग्रेजी, जी.के. और मूल गणित आदि में अच्छा ज्ञान होना चाहिए क्योंकि पूरी परीक्षा इन विषयों और इसके बाद चयन और साक्षात्कार पर आधारित होती है.

Saturday, September 16, 2017

CBI ऑफिसर कैसे बनें? जानें कहां करें आवेदन, क्या है योग्यता और चयन प्रक्रिया


CBI ऑफिसर की नौकरी
भारत में कई युवाओं का सपना केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) में ऑफिसर बनने का होता है. इस विशिष्ट जांच एजेंसी को जनता में काफी लोकप्रिय माना जाता है, लेकिन बहुत से लोग सीबीआई (CBI) में ऑफिसर के रूप में भर्ती होने की प्रक्रिया को नहीं जानते. इस लेख में विभिन्न मानदंडों, पात्रता, परीक्षा पैटर्न और सीबीआई ऑफिसर बनने की प्रक्रिया को बताया जा रहा है.
CBI ऑफिसर की भर्ती की होने वाले एग्जाम
सीबीआई में रिक्तियों को भरने के लिए दो अलग-अलग एजेंसियां परीक्षाओं का आयोजन करती हैं. यह हैं यूपीएससी (UPSC) और एसएससी (SSC). सीबीआई में ग्रुप-ए ऑफिसर बनने के लिए, आपको यूपीएससी द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा पास करके आईपीएस (IPS) ऑफिसर बनना होगा. सीबीआई में सब-इंसपेक्टर बनने के लिए, आपको SSC CGL परीक्षा देनी होगी.
 पद
                                                भर्ती एजेंसी का नाम
ग्रुप ए ऑफिसर
                            यूपीएससी (सिविल सर्विस परीक्षा)
सब-इंसपेक्टर
                                     एसएससी सीजीएल
CBI ऑफिसर के लिए आवेदन कहाँ करें
यदि आप सीबीआई में ऑफिसर बनने का सपना देख रहे हैं, तो आपको प्रत्येक वर्ष कर्मचारी चयन आयोग (SSC) द्वारा आयोजित संयुक्त स्नातक स्तर परीक्षा (सीजीएल) पास करनी होगी. आपको अगले एसएससी सीजीएल अधिसूचना की प्रतीक्षा करनी चाहिए और उसी के अनुरूप तैयार रहना चाहिए. यह एक 4 टीयर (4 tier) परीक्षा है जिसमें दो ऑनलाइन ओब्जेक्टिव टाइप परीक्षाएं और पेन एवं पेपर का उपयोग करके एक डिस्क्रिप्टिव टाइप यानि वर्णनात्मक प्रकार शामिल हैं. अंतिम चरण दस्तावेज़ सत्यापन का होता है. एसएससी सीजीएल अधिसूचना प्राप्त करने की आधिकारिक वेबसाइट: http://ssc.nic.in/
लिखित परीक्षा कैसे प्रश्न होते हैं
ओब्जेक्टिव टेस्ट में रिपिटेड प्रश्न
सीबीआई सब इंस्पेक्टर टेस्ट (एसएससी सीजीएल) में टीयर 1 और टीयर 2 परीक्षाएं ओब्जेक्टिव प्रकार की होती हैं. आप जीके और मेंटल एबिलिटी से सवाल आने की उम्मीद कर सकते हैं.
सीबीआई सब-इंस्पेक्टर के लिए पात्रता मानदंड
एसएससी सीजीएल परीक्षा द्वारा सीबीआई अधिकारी बनने के लिए, आपको निम्नलिखित योग्यताएं पूरी करनी होंगी
शैक्षणिक योग्यता:
एक मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री होनी चाहिए.
आयु सीमा:
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) में सब-इंस्पेक्टर (उपनिरीक्षक) के लिए आवेदन करने की आयु सीमा 20-30 वर्ष है. इससे पहले सीबीआई में एसआई पद के लिए आवेदन करने वाले सामान्य श्रेणी के उम्मीदवारों की ऊपरी आयु सीमा 27 थी, लेकिन अब इसे संशोधित कर 30 साल कर दिया गया है. ओबीसी श्रेणी में, उच्च निरीक्षक 33 और एससी / एसटी श्रेणी में सीबीआई में शामिल होने की ऊपरी आयु सीमा 35 साल है.
आयु सीमा सारांश:
जनरल श्रेणी के लिए 20-30 वर्ष
ओबीसी श्रेणी के लिए 20-33 वर्ष
एससी / एसटी श्रेणी के लिए 20-35 वर्ष
वेतनमान
सीबीआई में सब इंस्पेक्टर के वेतन का पैमाना 9300-34,800 भारतीय रुपए प्रति माह है और सीबीआई इंस्पेक्टर 4200 रूपये के ग्रेड वेतन में है और हाथ में कुल वेतन 44000 भारतीय रुपए प्राप्त होता है.
सीबीआई में सब इंस्पेक्टर का परीक्षा पैटर्न
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) में सब इंस्पेक्टर बनने के लिए, आपको एसएससी संयुक्त स्नातक स्तर की परीक्षा पास करनी होगी. कर्मचारी चयन आयोग (SSC) द्वारा आयोजित संयुक्त स्नातक स्तर परीक्षा (सीजीएल) में चार चरण हैं. सभी 4 चरणों के सफल समापन के बाद, आप सीबीआई में सब इंस्पेक्टर के रूप में शामिल हो सकते हैं.
परीक्षा - पाठ्यक्रम की परीक्षा विधि
टीयर- I -कंप्यूटर आधारित ऑब्जेक्टिव परीक्षा
टीयर -2- कम्प्यूटर आधारित ऑब्जेक्टिव परीक्षा
टीयर –III- वर्णनात्मक लिखित टेस्ट
टीयर –IV- कंप्यूटर प्रवीणता परीक्षा (सीपीटी) / दस्तावेज़ सत्यापन
परीक्षा सिलेबस:
प्रत्येक स्तर के लिए सीबीआई ऑफिसर बनने के लिए परीक्षा पाठ्यक्रम नीचे सूचीबद्ध हैं.
परीक्षा शुल्क और परीक्षा की तिथि:
सामान्य श्रेणी के पुरुष उम्मीदवारों के लिए परीक्षा शुल्क 100 भारतीय रुपए हैं और महिलाओं और एससी / एसटी श्रेणी के लिए कोई शुल्क नहीं है. परीक्षा की तिथि एसएससी परीक्षा कैलेंडर में अधिसूचित की जाती है.
सीबीआई में सब इंस्पेक्टर की सेलेक्शन प्रॉसेस
एसएससी की संयुक्त स्नातक स्तर परीक्षा (सीजीएल) के माध्यम से सब इंस्पेक्टर की भर्ती की जाती है, इसके बाद मेडिकल परीक्षा और व्यक्तिगत साक्षात्कार भी होता है.
टीयर- I: लिखित परीक्षा ( ओब्जेक्टिव मल्टी च्वॉइस टाइप)
टीयर- I, में 200 कुल अंकों के साथ 1 घंटे (60 मिनट) का समय होगा. कुल प्रश्नों की संख्या 100 होगी. इस अनुभाग में शामिल हैं जनरल इंटेलिजेंस + रीजनिंग (50 अंक); सामान्य जागरूकता (50 चिह्न);  क्वांटिटेटिव एप्टीट्यूड (50 अंक) और अंग्रेजी समझ (50 अंक)
टीयर -2: लिखित परीक्षा (ओब्जेक्टिव मल्टी च्वॉइस टाइप)
टीयर -2 में 2 पेपर कुल 400 अंक के होते हैं, प्रत्येक 2 घंटे की अवधि का होता है. 200 अंक वाले पहले पेपर में क्वांटिटेटिव एबिलिटिज के 100 प्रश्न शामिल होते हैं और दूसरे पेपर में अंग्रेजी भाषा और समझ के प्रश्न शामिल होते हैं.
सीबीआई में सब इंस्पेक्टर के लिए आवश्यक फिजिकल स्टैंडर्ड

पुरुष उम्मीदवारों के लिए:
ऊँचाई: 165 सेमी
हिल्समेन और आदिवासियों के लिए ऊँचाई छूट योग्य: 5 सेमी
छाती: 76 सेमी विस्तार के साथ
वजनः ऊँचाई और आयु के अनुपात में और प्रति बल में निर्दिष्ट मेडिकल मानक के अनुसार

दृष्टि
नेत्र-दृष्टि (चश्मे के साथ या बिना)
दूर की दृष्टि: एक में 6/6 और एक दूसरे में 6/ 9
एक आँख में दृष्टि 0.6 और दूसरी आंखों में 0.8 के पास
महिला उम्मीदवारों के लिए:
ऊंचाई: 150 सेमी
वज़न: ऊँचाई और आयु के अनुपात में और निर्दिष्ट मेडिकल मानक के अनुसार

दृष्टि
नेत्र-दृष्टि (चश्मे के साथ या बिना)
दूर की दृष्टि: दूसरे में 6/6 और एक दूसरे में 6/ 9
एक आँख में दृष्टि 0.6 और दूसरी आंख में 0.8 के पास
पहले दो स्तरों के उत्तीर्ण उम्मीदवारों को अंतिम चयन से पहले व्यक्तिगत साक्षात्कार का सामना करना होगा. अंतिम चयन व्यक्तिगत साक्षात्कार के आधार पर किया जाएगा.
CBI में आफिसर या सब-इंस्पेक्टर बनने के लिए आपकी पर्सनॉलिटी में ये गुण होने ही चाहिए:
इस क्षेत्र में निम्नलिखित व्यक्तिगत गुण आवश्यक हैं
तीव्र, विश्लेषणात्मक मन
शारीरिक फिटनेस
सहनशीलता
मानसिक सतर्कता
एकाग्रता का उच्च स्तर
अवलोकन की उत्सुक शक्तियां
तर्कसंगत, रेशनल और विश्लेषणात्मक सोच
यात्रा करने की शक्ति
लंबे, अनियमित काम के घंटे के अनुकूल कार्य करने की योग्यता
दूरस्थ और खतरनाक क्षेत्रों में काम करने की शक्ति
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10 वी के बाद कौन-सा कोर्स करे, कौन-सा सब्जेक्ट ले, क्या करे ?

हमारे देश में दसवी क्लास तक सभी स्टूडेंट्स को एक जैसा सब्जेक्ट पढाया जाता है लेकिन इसके बाद विद्यार्थी को अपने इंटरेस्ट के हिसाब से या फिर आ...