Friday, August 11, 2017

अंग्रेजी भाषा विशेषज्ञ बनकर संवारिए भविष्य

ग्लोबलाइजेशन के चलते पिछले कुछ वर्षों में अंग्रेजी का महत्व बहुत बढ़ गया है। यदि कोई व्यक्ति धारा प्रवाह अंग्रेजी बोल सकता है, तो वह मैनेजमेंट की सीढिय़ां आसानी से लांघ सकता है।

यदि आपकी अंग्रेजी अच्छी नहीं है तो व्यवसाय की शानदार योजना रखने के बावजूद आप खुद को मैनेजमेंट के सबसे निचले स्तर पर खड़ा पाएंगे। इसलिए सामूहिक विचार-विमर्श, इंटरव्यू, प्रेजेंटेशन, रिपोर्ट राइटिंग, लैटर राइटिंग आदि जैसे अलग-अलग उद्देश्यों के लिए अंग्रेजी में कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के लिए अंग्रेजी भाषा विशेषज्ञ की बड़ी संभावनाएं हैं।

क्या है क्रेज
रोजगार के सार्वभौम बनने के कारण पिछले कुछ सालों में अंग्रेजी का क्रेज बढ़ा है। सालों से यह भाषा नेशनल और इंटरनेशनल दोनों स्तरों पर अभिव्यक्ति का माध्यम बन गई है।
बोली जाने वाली अंग्रेजी का महत्व और अधिक है, क्योंकि ऐसे कई मामले हैं जिनमें कोई व्यक्ति अपने विषय का अच्छा ज्ञाता तो होता है, किंतु उसे समुचित रूप में अभिव्यक्त करने में वह असफल हो जाता है। इसलिए भाष्य अंग्रेजी का अभ्यास करना बहुत आवश्यक है। अंग्रेजी पढऩे से किसी व्यक्ति के लिए अनेक अवसर खुल जाते हैं।
आजकल के दौर को देखते हुए अभिभावक भी अपने बच्चों को अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में दाखिला दिलवाने के लिए लालायित दिखते हैं। उन्हें अंग्रेजी माध्यम के स्कूलों में अपने बच्चों का भविष्य सुरक्षित नजर आता है, सिर्फ इसलिए क्योंकि अंग्रेजी भाषा में संभावनाओं का स्कोप बहुत है। इसलिए अंग्रेजी भाषा का क्रेज है।

नौकरी भी,पढ़ाई भी
अंग्रेजी भाषा और साहित्य का अध्ययन छात्रों में मूल्यांकन और विश्लेषण करने की क्षमता प्रदान करता है। इन दिनों लोगों में अंग्रेजी के प्रति काफी क्रेज है। यही वजह है कि अंग्रेजी बोलने और सीखने की ललक घर-घर में देखी जा सकती है। कुछ लोग स्पोकन इंग्लिश का कोर्स चलाकर हजारों की कमाई भी कर रहे हैं।
यदि आप स्वरोजगार करना चाहते हैं, तो अपने घर के आसपास कोचिंग सेंटर खोलकर लोगों को अंग्रेजी बोलना और लिखना सिखा सकते हैं। इसके अलावा यदि आप कहीं नौकरी करते हैं, तो कोचिंग या ट्यूशन पढ़ाकर भी कम समय में बेहतर पैसे कमा सकते हैं। लेकिन इस तरह के प्रोफेशन में आने के लिए जरूरी है कि आपकी अंग्रेजी ग्रामर पर पकड़ हो, क्योंकि ग्रामर भाषा की रीढ़ होती है। यदि इस पर कमांड है, तो आप इस प्रोफेशन में अवश्य सफल हो सकते हैं।

प्रतियोगीपरीक्षा में अहम
आजकल किसी भी परीक्षा में अंग्रेजी ज्ञान से संबंधित पेपर अवश्य होते हैं। यदि आईएएस या पीओ जैसी प्रतिष्ठित सेवा की बात करें, तो उसमें भी अंग्रेजी से संबंधित पेपर होते हैं। यदि आप इसमें निर्धारित अंक नहीं लाते हैं, तो आपके शेष पेपरों का मूल्यांकन नहीं होता है। इससे सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि अंग्रेजी का ज्ञान कितना जरूरी है। यदि आपकी इस विषय पर पकड़ है, तो इस विषय को लेकर आप मुख्य परीक्षा भी दे सकते हैं। इंटरव्यू में भी यदि आप अंग्रेजी बोलने और लिखने में सक्षम हैं, तो आपको काफी फायदा हो सकता है।

कैसे बनाएं पकड़
अंग्रेजी भाषा पर बेहतर पकड़ व समझ बनाने के लिए बीए ऑनर्स या एमए करना आवश्यक है। इस कोर्स के माध्यम से अंग्रेजी के प्राचीन इतिहास, पोलिटिकल थ्योरी, मध्यकालीन अंग्रेजी, विक्टोरियन साहित्य, आधुनिक और उत्तर आधुनिक साहित्य के अलावा नॉवेल, ड्रामा, क्रिटिकल थ्योरी और पोएट्री पढऩा होता है, जो कि काफी फायदेमंद होता है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संभावना
स्कूल से लेकर कालेज व विश्वविद्यालय में शिक्षक के तौर पर काम करने के अवसर तो इसमें हैं ही। इस विषय से बीए ऑनर्स करने के बाद बीएड करके किसी भी सरकारी या गैर सरकारी स्कूल में शिक्षक बन सकते हैं। दूसरी तरफ एमए, एमफिल और पीएचडी करने के बाद किसी भी कालेज में लेक्चरर व प्रोफेसर बनने का अवसर भी आपके पास होता है। इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अंग्रेजी के जानकार के लिए विभिन्न विश्वविद्यालयों व स्कूलों में अध्यापन के काफी अवसर हैं।

बीपी ओकी पहली पसंद
इस कोर्स से स्नातक करने के बाद आप एनजीओ, कारपोरेट सेक्टर, टूरिज्म, दूतावास, पब्लिकेशन बिजनेस, टीवी, रेडियो ब्रॉडकास्टिंग एडवर्टाइजमेंट, बीपीओ, इंटरप्रेटर आदि की भूमिका बखूबी निभा सकते हैं। आज अंग्रेजी के जानकारों के लिए बीपीओ में काफी मौके हैं।

जरूरी स्किल्स
सब्जेक्ट पर मजबूत पकड़
पहल शक्ति
अभिव्यक्ति कौशल
नेतृत्व क्षमता
टीम भावना
योग्यता
यदि आप बारहवीं किसी भी स्ट्रीम से अंग्रेजी विषय के साथ उत्तीर्ण हैं तो ग्रेजुएशन से करियर की शुरुआत कर सकते हैं। ग्रेजुएशन के बाद पोस्ट ग्रेजुएशन और डाक्टरेट की उपाधि अर्जित करने के बाद करियर की ऊंचाइयां छू सकते हैं। इसमें सबसे जरूरी है कि आपकी डिग्री के साथ-साथ आपकी स्किल्स भी विकसित होती जाए। महज डिग्री लेना काफी नहीं, निपुणता जरूरी है।

करियर विकल्प
अंग्रेजी भाषा में मास्टर डिग्री करने के बाद कोई भी व्यक्ति किसी सरकारी और निजी संगठन, शैक्षिक संस्थान में रोजगार प्राप्त कर सकता है या अपना निजी प्रशिक्षण केंद्र चला सकता है।
पोस्ट ग्रेजुएशन, नेट या पीएचडी करने के बाद केंद्रीय एवं राज्य स्तरीय विश्वविद्यालयों एवं संबद्ध डिग्री कालेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में करियर की शुरुआत कर सकता है। एडिटर, इंग्लिश ट्रांसलेटर के भी विकल्प मौजूद हैं। इसके अलावा निजी कंपनियों में भी अंग्रेजी के जानकारों के लिए अच्छे स्कोप हैं। एक बार आप इस फील्ड के एक्सपर्ट हो गए, तो फिर आपके पास काम की कमी नहीं रहती।

वेतनमान
अंग्रेजी भाषा में विशेषज्ञता हासिल करने के बाद आपके पास संभावनाओं का आकाश खुल जाता है। अंग्रेजी को सेलेब्रिटी भाषा भी कहा जाता है। इसलिए सरकारी क्षेत्र में रोजगार मिलने पर भी स्कूल कालेज में अच्छे वेतनमान पर युवाओं को काम मिल जाता है।
स्कूली स्तर पर आरंभिक आय 20 हजार है, तो कालेज और यूनिवर्सिटी स्तर पर आरंभिक आय 30 हजार से 70 हजार के बीच होती है। वेतन आपकी सीनियोरिटी के अनुसार बढ़ता रहता है। निजी कंपनियां भी अंग्रेजी विशेषज्ञों को अपने यहां अच्छे वेतन पर रखती हैं।

प्रमुखसंस्थान
हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी, शिमला (हिमाचल प्रदेश)
राजकीय महाविद्यालय धर्मशाला (हिमाचल प्रदेश)
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बिलासपुर (हि. प्रदेश)
लखनऊ यूनिवर्सिटी, लखनऊ
सीएसजेएम यूनिवर्सिटी, कानपुर
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय, अलीगढ़
जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी,नई दिल्ली
दिल्ली विश्वविद्यालय, नई दिल्ली
कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी, कुरुक्षेत्र
बीएचयू, वाराणसी

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