सरकारी क्षेत्र में अगर कोई सबसे बेहतरीन नौकरी है तो वह है आईएएस सेवा। इस सेवा के लिए चयनित होने के बाद लोग अपने साथ साथ समाज का भी विकास कर सकते हैं। बहुत सारे युवा भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयन के लिए सपना देखते हैं और इसकी तैयारी खूब मन लगाकर करते हैं। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि ऐसे कौन से ग्रेजुएशन कोर्स हैं, जिससे आपके आईएएस सेलेक्शन में ज्यादा मदद मिल सकती है।
आईएएस : एक करियर के रूप में
जिन उम्मीदवारों ने ग्रेजुएशन के लिए सब्जेक्ट नहीं चुना है, उनके मन में यह सवाल रहता है कि भविष्य के लिए कौन सा स्ट्रीम बेहतर होगा। ऐसा कोर्स जो आईएएस परीक्षा की तैयारी में मददगार हो सकता है। इस कठिन परीक्षा को पार कर जाने का सपना पूरा हो सके। लक्ष्य के प्रति समर्पित उम्मीदवारों के इस जिज्ञासु प्रश्न का जवाब कोई भी साधारण रूप से नहीं दे सकता है।
बीकॉम/एमबीए/बीबीए/सीए/सीएस/सीएफए –
यह सभी डिग्रियां प्रकृति में पेशेवर मानी जाती है। इन क्षेत्रों से बहुत कम संख्या में उम्मीदवार आईएएस परीक्षा को आकर्षित होते हैं। पिछले कुछ वर्षों से हम निश्चित रूप से बीकॉम एवं एमबीए उम्मीदवारों की संख्या में बढ़ोतरी देख सकते हैं। आईएएस परीक्षा में सीसैट (जो तर्क, गणित, डेटा की व्याख्या और निर्णय लेने पर केंद्रित है।
इंजीनियरिंग –
वर्तमान परिस्थितियों में स्पष्टता से देख सकते हैं कि इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि के उम्मीदवारों का सफलता अनुपात बहुत बढ़ा है। अगर हम पिछले कुछ वर्षों के आईएएस टॉपर्स का अवलोकन करें तो यह स्पष्ट होता हैं, इस परीक्षा में प्रभुत्व है। हालाँकि वैकल्पिक विषय के रूप में इंजीनियरिंग विषय का चयन करने वालों का सफलता अनुपात कम है।
मानविकी –
मानविकी विषय को पारंपरिक रूप से सिविल सेवा परीक्षा के गढ़ के रूप में माना जाता है। अगर हम यूपीएससी द्वारा जारी वार्षिक रिपोर्ट में लिखित डाटा पर दृष्टि डालें तो हम पाते हैं कि अन्य विषयों की तुलना में मानविकी विषय का चयन करने वाले उम्मीदवारों का प्रतिशत ज्यादा है। प्रवृति के वावजूद मानविकी विषय रखने वाले उम्मीदवारों की सफलता अनुपात कम हुई है।
चिकित्सा विज्ञान –
चिकित्सा विज्ञान विषय को आईएएस परीक्षा के सम्बन्ध में उतना अनुरूप नही माना गया है। इस व्यावसायिक डिग्री को प्राप्त करने वाले बहुत कम लोग नौकरशाही का अंग बनना चाहते हैं। परन्तु भौतिक विज्ञान विषय की तरह ही चिकित्सा विज्ञान के उम्मीदवारों की संख्या एवं सफलता अनुपात में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है।
विज्ञान –
विज्ञान विषय से स्नातक उम्मीदवार लगातार आईएएस परीक्षा में सफल होते रहे हैं। हालाँकि उनकी संख्या इतनी अधिक नहीं है कि वह सफलता के लिए विषय चुनाव में उतना प्रभावशाली स्थान बना पाए। परन्तु वैज्ञानिक सोच एवं टेक्नोक्रेट के नौकरीशाही तंत्र में बढती मांग को देखते हुए धीमी और स्थिर वृद्धि देखा जा सकता है।
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