Monday, October 1, 2018

ब्रांड मैनेजमेंट

हर छोटी-बड़ी कंपनी अपने प्रोडक्ट की छवि को मार्केट में बेहतर बनाने के लिए ब्रांडिंग का सहारा लेने लगी हैं। ऐसी स्थिति में ब्रांड मैनेजमेंट की डिग्री रखने वाले स्टूडेंट्स के रास्ते खुलने लगे हैं। हर चीज की कामयाबी के पीछे ब्रांडिंग का काफी हाथ होती है। यह ब्रांडिंग का ही कमाल है कि कुछ प्रोडक्ट अपने मूल नाम से कम और ब्रांडिंग के तौर पर इस्तेमाल की गई नामों से अधिक जानी जाती है। यही वजह है कि कोका-कोला ठंडा और कोलगेट टूथपेस्ट के नाम से जानी जाती है। आज हर छोटी-बडी कंपनी अपने प्रोडक्ट की इमेज को मार्केट में चमकाने के लिए ब्रांडिंग का सहारा लेने लगी हैं। और इसके लिए जरूरत होती है ब्रांड मैनेजमेंट की। यदि आप भी प्रोडक्ट की इमेज को चमकाने का मद्दा रखते हैं, तो ब्रांड मैनेजमेंट के किएटिव फील्ड के आपके लिए ढेरो विकल्प मौजूद हैं। क्वालिफिकेशन ऐंड एंट्री किसी भी विषय से स्नातक की डिग्री रखने वाले स्टूडेंट्स कैट और मैट एग्जाम क्लियर करने के बाद एमबीए कोर्स में एडमिशन ले सकते हैं। इसके बाद ब्रांड मैनेजमेंट में स्पेशलाइजेशन कर सकते हैं। कई इंस्टीट्यूट ब्रांड मैनेजमेंट में डिप्लोमा कोर्स भी ऑफर कर रहे हैं। इसकी अवधि एक वर्ष है। मार्केटिंग के एमबीए करने के बाद भी ब्रांड मैनेजमेंट में करियर बनाया जा सकता है। ब्रांड मैनेजमेंट कोर्स के अंतर्गत कई एरिया आते हैं। जैसे- प्रिंसिपल ऑफ ब्रांड मैनेजमेंट, मार्केट रिसर्च, एनालिलिस ऑफ मार्केटिंग ट्रेंड, कन्यूमर डिमांड, ब्रांड लॉन्च ऐंड यूएसपी, ब्रांड रिसर्च, एडवरडाइजिंग ऐंड मार्केटिंग, ब्रांड प्रमोशन, डिस्ट्रीब्यूशन, पैकेजिंग ऐंड मार्केटिंग ऑफ ब्रांड। खुल जाते हैं जॉब के रास्ते करियर काउंसल परवीन मल्होत्रा कहती हैं कि ब्रांड मैनेजमेंट कोर्स पूरा करने के बाद स्टूडेंट्स के लिए कई रास्ते खुल जाते हैं। वे प्रोडक्ट मैनेजर या ब्रांड डेवलपमेंट मैनेजर के रूप में कार्य की शुरुआत कर सकते हैं। आमतौर पर कोर्स पूरा करने का बाद स्टूडेंट्स का प्लेसमेंट हिन्दुस्तान लीवर, मंहिद्रा ऐंड मंहिद्रा, गोदरेज, सन फार्मा, आदित्य बिरला ग्रुप, रिलायंस, डाबर, बजाज, एफएमसीजी कंपनी, नेस्ले, सिप्ला, कोका-कोला, फार्मास्युटिकल कंपनी, हेल्थकेयर आदि में हो जाती है। इन दिनों फार्मा सेक्टर में ब्रांड मैनेजमेंट से जुड़े लोगों की खूब मांग देखी जा रही है। पिरामल हेल्थकेयर बद्द्ी, हिमाचल प्रदेश में क्वालिटी कंट्रोल के हेड शैलेंद्र कुमार कहते हैं कि फार्मा इंडस्ट्री में ब्रांड मैनेजमेंट से जुड़े लोगों के लिए करियर इसलिए भी बेहतर है, क्योंकि फार्मा कंपनियां कोई न कोई प्रोडक्ट आए दिन मार्केट में उतारती ही रहती हैं। खाकसर जब कोई नया प्रोडक्ट मार्केट में उतारा जाता है, तो बिक्री बढ़ाने और प्रमोशन के लिए ब्रांड मैनेजर की जरूरत होती ही है। कम्युनिकेशन स्किल ब्रांड से जुड़े लोगों का काम प्रोडक्ट की छवि को मार्केट में बेहतर बनाने का होता है, इसलिए अच्छी कम्युनिकेशन स्किल की जरूरत होती है। साथ ही, मार्केट की स्थिति को भांपते हुए हर वक्त एलर्ट रहना चाहिए। सफल ब्रांड मैनेजर बनने के लिए क्रिएटिव माइंडेड होना बेहद जरूरी है। इसके अलावा, मार्केट रिसर्च, एनालिसिस, सेल्स और प्रमोशनल प्लानिंग जैसी स्किल भी जरूर होनी चाहिए। आकर्षक सैलरी ब्रांड मैनेजर का जॉब काफी शानदार होती है और इसपर कंपनी का काफी दामोदार होता है। यही वजह है कि इनकी सैलरी भी काफी अ'छी होती है। शुरुआती दौर में आपकी सैलॅरी 10 से 15 हजार रुपये हो सकती है। लेकिन अनुभव और कामयाबी हासिल करने के बाद आपकी कमाई लाखों में हो सकती है।

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