Monday, July 24, 2017

मस्तिष्‍क को सुरक्षित रखकर पायें अपना लक्ष्‍य

सभी के जीवन में कोई न कोई उद्देश्‍य होता है और उसे पाने के लिए लोग कड़ी मेहनत करते हैं। लेकिन जीवन के इन उद्देश्‍यों के बीच में बाहरी रुकावट के साथ-साथ शारीरिक परेशानियां भी आती हैं।

उद्देश्‍यों को पाने की चाह में लोग स्‍वास्‍‍थ्‍य को नजरअंदाज करते हैं जिसका सीधा असर व्‍यक्ति के दिमाग पर पड़ता है। उम्र बढ़ने के साथ-साथ तनाव, हाइपरटेंशन, डायबिटीज जैसी खतरनाक बीमारी के साथ भूलने वाली बीमारी डिमेंशिया के होने का खतरा भी होता है।

इसलिए आप जब भी अपने उद्देश्‍यों के लिए प्रयत्‍न करें तब अपने लक्ष्‍य के साथ-साथ अपने दिमाग को भी सुरक्षित रखने का प्रयास करें।

लक्ष्‍य निर्धारित करें
दिमाग को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी है आप एक लक्ष्‍य निर्धारित करें और उसके हिसाब से प्रयास करें। क्‍योंकि आपका जैसा उदेश्य होगा, आपके दिमाग में उसी तरह का खाका होगा, उसी तरह की तस्वीर होगी। उसके लिए हमेशा आपके दिमाग में विचार आयेंगे और यदि आपका काम अधूरा रहेगा तो तनाव होगा और इसका असर दिमाग पर पड़ेगा।

योजना बनायें
दिमाग पर ज्‍यादा जोर न पड़े इसलिए अपने उद्देश्‍यों को पाने के लिए एक योजना बनाइए, इस योजना के अनुरूप ही काम कीजिए। यदि आपने अपने लक्ष्‍य की योजना के आधार पर काम करना शुरू किया है तो वो दिन दूर नहीं जब आप अपने लक्ष्‍य को पाने में सफल होंगे। इसलिए सपने देखने के बजाय एक योजना बनाकर उसपर काम करें।
विश्‍वास रखें
कहते है कि असफलता का जो सबसे कठिन हिस्सा होता वह यह है कि आपको अपने पर कितना विश्वास है कि आप उस काम में कितने सफल होंगे। जब तक आपको अपने पर भरोसा नहीं होगा आप सफल ही नहीं हो पायेंगे, बिना इसके आप ठीक से कोशिश नहीं कर सकते और इसके बदले में केवल आपको तनाव और अवसाद ही मिलेगा।


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