Sunday, June 11, 2017

फूड टेक्नोलॉजी में जॉब के भरपूर अवसर

भारत में करीब 30 करोड़ की आबादी प्रोसेस्ड और डिब्बाबंद खाद्य-पदार्थों का इस्तेमाल करती है। इतना ही नहीं, भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा फल और सब्जी उत्पादक देश है। प्रोसेस्ड फूड तैयार करने वाली मल्टीनेशनल कंपनियां दुनियाभर से जब भारत का रुख कर रही हैं। ऐसे में फूड टेक्नोलॉजी का भविष्य कितना सुनहरा है इसकी आसानी से कल्पना की जा सकती है।

Qualification : फूड टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं, तो  फिजिक्स, केमिस्ट्री व बायोलॉजी अथवा मैथमेटिक्स विषयों के साथ 10+2 में कम से कम 50 प्रतिशत अंक जरूरी हैं। एमएससी कोर्स करने के लिए फूड टेक्नोलॉजी से संबंधित विषयों में स्नातक की डिग्री आवश्यक है।

किस तरह के कोर्स:----
बीएससी इन फूड टेक्नोलॉजी (3 वर्ष)
बीएससी इन फूड न्यूट्रीशियन ऐंड प्रिजरर्वेशन (3 वर्ष)
बीटेक इन फूड इंजीनियरिंग (4 वर्ष)
एमएससी इन फूड टेक्नोलॉजी (2वर्ष)

किस तरह की होती है पढाई:----
फूड टेक्नोलॉजी तथा इससे संबंधित कोर्सेज के अंतर्गत खाद्य पदार्थों के उचित रख-रखाव से लेकर पैकेजिंग, फ्रीजिंग आदि की तकनीकी जानकारियां शामिल होती हैं। इसके अंतर्गत पोषक तत्वों का अध्ययन, फल, मांस, वनस्पति व मछली प्रसंस्करण आदि से संबंधित जानकारियां भी दी जाती हैं।

Personal skills : फूड टेक्नोलॉजिस्ट को साइंटिफिक सोच वाला होना जरूरी है। उसे टेक्नोलॉजी डेवलॅपमेंट, हेल्थ व न्यूट्रीशन में रुचि होनी चाहिए। इसके साथ ही जिम्मेदारी व टीम के साथ काम करना भी आवश्यक है। उसमें अच्छी कम्युनिकेशन स्किल भी होनी चाहिए।

Work Profile : विकसित देशों की तुलना में भारत में फूड टेक्नोलॉजी एवं प्रोसेसिंग उद्योग तुलनात्मक रूप से पिछड़ा हुआ है। यूं तो हमारे देश में फूड टेक्नोलॉजी एवं प्रोसेसिंग उद्योग सदियों पुराना है। प्राचीनकाल से ही महिलाएं घरों में अचार-मुरब्बा, अमचूर आदि का निर्माण करती रही हैं, परंतु यह अभी भी कुटीर उद्योग ही है। परंतु अब धीरे-धीरे विश्व के साथ कदमताल करते हुए आधुनिक तकनीक वाली फूड टेक्नोलॉजी एवं प्रोसेसिंग इकाइयां हमारे देश में लगाई जा रही हैं। इन इकाइयों से उत्पादित उत्पादों की गुणवत्ता विश्व कोटि की होती है। फूड प्रोसेसिंग सेक्टर के तहत वे सभी कार्य शामिल हैं, जिनसे खाने वाली चीजों की गुणवत्ता, स्वाद और रंग-रूप बरकरार रह सके। जैसे- मक्खन, सॉफ्ट ड्रिंक, जेम व जेली, फ्रूट जूस, बिस्कुट, आइसक्रीम आदि। इसके अलावा वह कच्चे और बने हुए माल की गुणवत्ता, स्टोरेज तथा हाइजिन आदि की निगरानी भी करता है।

कहां मिलेगी नौकरी : ---कृषि पर आधारित फूड टेक्नोलॉजी (खाद्य प्रौद्योगिकी) के क्षेत्र में करियर की काफी अच्छी संभावनाएं हैं। एक अनुमान के मुताबिक, इस क्षेत्र में प्रतिवर्ष लगभग ढ़ाई लाख से अधिक रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। फूड टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर बहुत बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री की प्रोसेसिंग कर उन्हें खराब होने से बचाया जा सकता है तथा बेहतर गुणवत्ता और पोषक तत्वों से युक्त भोज्य सामग्री बाजार में उपभोग हेतु उपलब्ध कराई जा सकती है। इससे रोजगार के अवसरों में भी भारी वृद्धि होगी। फूड टेक्नोलॉजिस्टों के लिए विभिन्न संगठनों में रोजगार अच्छा मौका है। इनमें सरकारी, सहकारी तथा विभिन्न बहुराष्ट्रीय कंपनियां शामिल हैं। फूड टेक्नोलॉजिस्ट प्रोडक्ट डेवलॅपमेंट, मैनेजर, रिसर्चर, क्वालिटी एश्योर मैनेजर, लेबोरेट्री सुपरवाइजर, फूड पैकिंग मैनेजर, फूड प्रोसेसिंग टेक्नीशियन, बीआईएस-एग्मार्क इंस्पेक्ट, खाद्य इंस्पेक्टर आदि के रूप में भी नियुक्ति होती है। फूड टेक्नोलॉजी का कोर्स पूरा कर लेने के बाद फूड इंडस्ट्री, होटलों, अस्पतालों, पैकेजिंग इंडस्ट्री, सॉफ्ट ड्रिंक फैक्टरी, राइस मिल आदि में नौकरी प्राप्त की जा सकती है। आप फूड टेक्नोलॉजी कोर्स करके स्वरोजगार भी कर सकते हैं। इसके अलावा तकनीकी संस्थाओं में शिक्षक या प्रशिक्षक के पद पर भी कार्य कर सकते हैं।

भविष्य में हैं ढेरों संभावनाएं : ----कैबिनेट ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की लगभग 30 करोड आबादी संशोधित व डिब्बाबंद खाद्य-पदार्थ इस्तेमाल करती है। वैसे भी भारत फल और सब्जियां पैदा करने वाला विश्व का दूसरा सबसे बडा देश है। एक अनुमान के मुताबिक, वर्तमान में डिब्बा बंद खाद्य-पदार्थों का कारोबार 30 से 35 अरब रुपये वार्षिक है। यही कारण है कि यह क्षेत्र मल्टीनेशनल कंपनियों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। इसी आकर्षण के कारण कई मल्टीनेशनल कंपनियां जैसे मैक्डोनॉल्ड, पेप्सी, कोका कोला व हिन्दुस्तान लीवर अपना कारोबार भारत में बढाती जा रही है।

सैलॅरी पैकेज: ----इस क्षेत्र में शुरुआती स्तर पर आप 8 से 12 हजार रुपये प्रतिमाह आसानी से कमा सकते हैं। अनुभव के बाद 30 हजार रुपये प्रतिमाह या इससे भी ज्यादा कमाया जा सकता है। यदि आप स्वरोजगार से जुडते हैं, तो आपकी कमाई और बढ सकती है।

यहां से करें कोर्स:----
– शहीद राजगुरु कॉलेज ऑफ एप्लाइड साइंस फॉर वूमैन, दिल्ली
– आई.आई.टी., खड़गपुर, पश्चिम बंगाल
– सीसीएसएचयूए, हिसार, हरियाणा
– सीएफटीआरआई, मैसूर (कर्नाटक)
– जीवाजी विश्वविद्यालय, ग्वालियर

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